Spain vs France: लैमिन यामाल की ‘हैंडबॉल’ पर मचा बवाल, क्या रेफरी के एक फैसले ने फ्रांस से छीन लिया वर्ल्ड कप फाइनल? जानिए पूरा विवाद

स्पोर्ट्स डेस्क | फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। लेकिन मैच खत्म होने के बाद चर्चा स्पेन की जीत से ज्यादा रेफरी इवान बार्टन के उस फैसले की हो रही है, जिसने मुकाबले की दिशा बदल दी। फ्रांस के खिलाड़ी, कोच और समर्थक सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्पेन को मिली पेनल्टी सही थी या लैमिन यामाल के कथित हैंडबॉल को नजरअंदाज कर दिया गया?

22वें मिनट में बदला मैच का रुख

मैच का सबसे बड़ा मोड़ 22वें मिनट में आया। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने अपनी पेनल्टी बॉक्स में गेंद को क्लियर करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान स्पेन के युवा स्टार लैमिन यामाल पीछे से तेजी से पहुंचे और गेंद पर कब्जा बनाने का प्रयास किया। डिग्ने का पैर गेंद की बजाय सीधे यामाल से टकरा गया।

रेफरी इवान बार्टन ने तुरंत पेनल्टी का इशारा किया। स्पेन के स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी को गोल में बदलते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद स्पेन ने दूसरा गोल भी दागा और मुकाबला 2-0 से जीत लिया।

हैंडबॉल को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

विवाद फाउल को लेकर नहीं बल्कि उससे ठीक पहले हुई घटना को लेकर है। स्लो-मोशन रिप्ले में दिखाई दिया कि गेंद लैमिन यामाल के हाथ या बाजू के ऊपरी हिस्से से टकराई थी। फ्रांस का दावा है कि पहले हैंडबॉल दिया जाना चाहिए था, जिसके बाद पेनल्टी का सवाल ही नहीं उठता।

क्या कहता है फुटबॉल का नियम?

फुटबॉल के नियम बनाने वाली संस्था IFAB के नियम-12 के अनुसार हर बार हाथ से गेंद लगना हैंडबॉल नहीं माना जाता।

इस मामले में:

  • गेंद यामाल के शरीर के उस हिस्से से टकराई जिसे ‘टी-शर्ट लाइन’ के भीतर माना जाता है।
  • यामाल का हाथ शरीर की स्वाभाविक स्थिति में था।
  • उन्होंने जानबूझकर शरीर का आकार बढ़ाकर गेंद को नहीं रोका।

इसी वजह से रेफरी ने खेल जारी रखा और बाद में डिग्ने के फाउल पर पेनल्टी दी।

नियम विशेषज्ञ ने भी किया रेफरी का समर्थन

आईटीवी स्पोर्ट की नियम विशेषज्ञ क्रिस्टीना अंकल ने कहा कि वीडियो देखने के बाद रेफरी का फैसला नियमों के अनुरूप था। उनके अनुसार गेंद यामाल की आस्तीन (Sleeve Area) से टकराई थी, जिसे हैंडबॉल नहीं माना जा सकता।

गैरी नेविल ने डिग्ने की बताई गलती

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान गैरी नेविल ने फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने को इस गोल का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब सामने लैमिन यामाल जैसा तेज और तकनीकी खिलाड़ी हो तो डिफेंडर को अपने आसपास की स्थिति का पूरा अंदाजा होना चाहिए। डिग्ने की एक छोटी सी चूक टीम पर भारी पड़ गई।

फ्रांस के कोच ने रेफरी पर उठाए सवाल

हार के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशम्प्स ने रेफरी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह हार का बहाना नहीं बना रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में रेफरिंग का स्तर बेहतर होना चाहिए था।

फीफा 2026 में फिर विवादों में रेफरिंग

यह इस वर्ल्ड कप का पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी कई मुकाबलों में VAR और रेफरी के फैसलों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हैंडबॉल नियमों को और स्पष्ट बनाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे विवाद कम हों।

विवाद चाहे जितना भी हो, रिकॉर्ड में यही दर्ज होगा कि स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। वहीं 19 वर्षीय लैमिन यामाल इस टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो चुके हैं।

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