HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी के पॉश इलाके में अनैतिक धंधे का भंडाफोड़; पत्नी और रिश्तेदार बताकर लिया था कमरा, पड़ोसियों की सतर्कता से टूटी साजिश
- बड़ी कार्रवाई: भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत सतीश सरकार लेन में पुलिस की छापेमारी; देह व्यापार कराने के आरोप में एक पुरुष और दो महिलाएं गिरफ्तार।
- आरोपी की पहचान: अवैध धंधे का मुख्य संचालक संजीत (नाथनगर निवासी) गिरफ्तार; साथ में कटिहार की दो महिलाएं भी पुलिस की गिरफ्त में।
- धोखाधड़ी का तरीका: ‘नाथनगर के संजीत’ ने मकान मालिक को झांसा देकर खुद को विवाहित और महिलाओं को रिश्तेदार बताकर किराए पर लिया था कमरा।
- सत्यापन में चूक: मकान मालिक ने किराएदार का पुलिस सत्यापन (Police Verification) नहीं कराया था; पुलिस अब मकान मालिक से भी कर रही है कड़ी पूछताछ।
- VOB इनसाइट: भागलपुर में एक बार फिर ‘किराए के मकान’ अपराध के महफूज ठिकाने बन रहे हैं; स्थानीय थानों को सूचना न देना मकान मालिकों के लिए कानूनी मुसीबत बन सकता है।
भागलपुर | 25 मार्च, 2026
बिहार की सिल्क सिटी भागलपुर में एक बार फिर मानवता और नैतिकता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जोगसर थाना क्षेत्र के सतीश सरकार लेन में एक किराए के मकान के अंदर चल रहे ‘अनैतिक देह व्यापार’ के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी संजीत ने सामाजिक मर्यादाओं की आड़ में ‘फैमिली मैन’ बनकर घर किराए पर लिया था, लेकिन उसकी असलियत पड़ोसियों की पैनी नजरों से नहीं बच सकी। मंगलवार को पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस अवैध कारोबार को बंद कर दिया।
पड़ोसियों का शक और पुलिस का धावा: कैसे खुला राज?
जानकारी के मुताबिक, सतीश सरकार लेन के एक घर में पिछले कुछ समय से अनजान युवतियों और महिलाओं का आना-जाना बढ़ गया था। संजीत नाम के युवक ने यह कमरा एक महिला को अपनी पत्नी और दूसरी को रिश्तेदार बताकर किराए पर लिया था। स्थानीय लोगों को जब उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, तो उन्होंने गुप्त रूप से जोगसर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
जोगसर थानेदार मंटू कुमार ने सूचना के आधार पर विशेष टीम के साथ मंगलवार को उक्त मकान में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से संजीत और कटिहार की रहने वाली दो महिलाओं को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। पुलिस ने तत्काल तीनों को हिरासत में ले लिया और कटिहार स्थित उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
VOB डेटा चार्ट: सतीश सरकार लेन (जोगसर) सेक्स रैकेट कांड
- मुख्य सरगना: संजीत (निवासी: नाथनगर, भागलपुर)।
- सह-आरोपी: दो महिलाएं (निवासी: कटिहार जिला)।
- वारदात का स्थान: सतीश सरकार लेन, जोगसर थाना क्षेत्र।
- मोडस ऑपरेंडी: ‘पत्नी और रिश्तेदार’ बताकर मकान किराए पर लेना और फिर अन्य युवतियों को बुलाकर व्यापार कराना।
- कानूनी धाराएं: अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
- प्रशासनिक रुख: मकान मालिक के खिलाफ भी लापरवाही बरतने पर जांच शुरू।
मकान मालिकों की लापरवाही: क्यों नहीं होता पुलिस सत्यापन?
इस मामले ने एक बार फिर भागलपुर में किराएदारों के सत्यापन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। थानाध्यक्ष मंटू कुमार ने बताया कि मकान मालिक ने किराएदार की कोई भी जानकारी थाने को नहीं दी थी। संजीत ने बड़ी आसानी से फर्जी परिचय के आधार पर कमरा हासिल कर लिया था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
- सख्ती से सत्यापन: शहर में नए किराएदार रखने से पहले उनका आधार कार्ड और चरित्र सत्यापन स्थानीय थाने से कराना अनिवार्य है।
- मकान मालिक की जिम्मेदारी: यदि किराए के मकान में कोई भी अवैध गतिविधि पाई जाती है और पुलिस को पहले सूचित नहीं किया गया है, तो मकान मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- सतर्कता अपील: पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि अगर उनके आसपास किसी घर में संदिग्ध गतिविधियों या अनजान लोगों की भीड़ दिखती है, तो वे तुरंत स्थानीय थाने को खबर करें।
VOB का नजरिया: क्या ‘किराए का कमरा’ बन रहा है क्राइम हब?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर जैसे बढ़ते शहर में मकान मालिकों का केवल ‘किराए’ के लालच में किसी को भी घर दे देना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
- अपराधियों का ठिकाना: इससे पहले भी लूट, चोरी और नशाखोरी के मामलों में देखा गया है कि अपराधी ‘किराएदार’ बनकर शहर में छिपते हैं।
- सामाजिक प्रभाव: रिहायशी इलाकों में देह व्यापार जैसे धंधे से समाज के युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- कानून का डंडा: प्रशासन को चाहिए कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के मकान देने वाले मालिकों पर भारी जुर्माना लगाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
सुशासन और नागरिक सतर्कता की जीत
जोगसर पुलिस की यह कार्रवाई भागलपुर के अन्य इलाकों के लिए एक चेतावनी है। संजीत और गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों और इसमें शामिल अन्य महिलाओं का पता लगाया जा सके। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि सजग रहें और अपने आसपास होने वाली अवैध गतिविधियों की सूचना गुप्त रूप से पुलिस को दें।


