पिता के बाद बेटों ने संभाली शराब तस्करी की कमान, 40 कार्टन विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां उत्पाद विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

खेत के नीचे छिपा था शराब का जखीरा
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि करजा थाना क्षेत्र के झखड़ा गांव में तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। सूचना के अनुसार, खेत के अंदर गड्ढा खोदकर उसमें ट्रंक के जरिए भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी।
सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई शराब की खेप बरामद की गई, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

40 कार्टन विदेशी शराब बरामद, एक गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 40 कार्टन विदेशी शराब बरामद की। मौके से झखड़ा गांव निवासी सुमन कुमार उर्फ रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि यह तस्करी का धंधा कोई नया नहीं, बल्कि पारिवारिक स्तर पर लंबे समय से चल रहा था।

पिता के रास्ते पर बेटे, पूरा परिवार शामिल
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के पिता नवल किशोर राय पहले से ही शराब तस्करी के मामलों में संलिप्त थे और कई बार जेल भी जा चुके थे। पिता की मौत के बाद उनके दोनों बेटों ने इस अवैध कारोबार को आगे बढ़ाया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का भाई मनधीर कुमार भी इस धंधे में सक्रिय है और उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित पारिवारिक नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।

उत्पाद विभाग की सतर्कता से खुला नेटवर्क
उत्पाद विभाग के अधिकारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और उससे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जा रही थी।

सख्त कार्रवाई के संकेत
अधिकारियों का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए ऐसे गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस मामले में भी आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

मुजफ्फरपुर की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि शराब तस्करी के लिए तस्कर नए-नए तरीके अपनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की सक्रियता के चलते ऐसे नेटवर्क लगातार बेनकाब हो रहे हैं।

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