पटना | 23 अक्टूबर 2025: लोकतंत्र के इस महापर्व — बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 — में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाता जागरूकता अभियान के तहत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सी.बी.सी.), प्रादेशिक कार्यालय पटना की ओर से गुरुवार को एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला गीत एवं नाटक प्रभाग सभागार, कर्पूरी ठाकुर सदन की सातवीं मंज़िल पर आयोजित हुई, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से आए पंजीकृत गीत एवं नाटक दलों के कलाकारों ने भाग लिया।
लोकतंत्र का उत्सव, मतदाता है नायक
कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय, पटना के अपर महानिदेशक एस.के. मालवीय ने की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर वोट की भूमिका अहम है और इस अभियान का उद्देश्य यही है कि समाज के हर वर्ग तक मतदान का संदेश रचनात्मक तरीक़े से पहुँचे।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रशांत सी. एच. ने कहा कि “लोकतंत्र का असली उत्सव तभी सफल होता है जब हर नागरिक इसमें अपनी भूमिका निभाए। मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की ज़िम्मेदारी भी है।”
गीत–नाटक से पहुँचेगी मतदाता जागरूकता की गूंज
भारत निर्वाचन आयोग के सहायक निदेशक अपूर्व कुमार सिंह ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि गीत, संगीत और नाटक जनसंपर्क के सबसे प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए मतदाता शिक्षा का संदेश सहज और मनोरंजक रूप में हर घर तक पहुँच सकता है।
दूरदर्शन पटना के सहायक निदेशक शत्रुंजय कुमार ने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं तक जागरूकता संदेश पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है, और इसके लिए मीडिया एवं जनसंपर्क दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।
38 जिलों के 243 विधानसभा क्षेत्रों में होगा कार्यक्रम
केंद्रीय संचार ब्यूरो, पटना के कार्यालय प्रमुख कुमार सौरभ ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत राज्य के सभी 38 जिलों के 243 विधानसभा क्षेत्रों में गीत एवं नाटक दलों के माध्यम से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हर एक वोट राष्ट्र की दिशा तय करता है, इसलिए मतदान करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।”
कलाकारों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम का संचालन सी.बी.सी. के सहायक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नवल किशोर झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी प्रकाश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
इस दौरान पंजीकृत गीत एवं नाटक दलों के कलाकारों ने मतदान से जुड़ी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोकतंत्र की भावना को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।


