
गया: बिहार के गया जिले के लिए गर्व की खबर है। जिले के कोच बाजार निवासी भारतीय सेना के मेजर आशीष कुमार को उनकी वीरता, साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 (फेज-1) के दौरान प्रदान किया।
सम्मान मिलने के बाद उनके पैतृक गांव कोच बाजार और पूरे गया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और ग्रामीण अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
मेजर आशीष कुमार के भाई आकाश कुमार ने बताया कि बचपन से ही उनके अंदर देश सेवा का जज्बा था। वे अनुशासित, मेहनती और जिम्मेदार स्वभाव के थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता भी शुरू से दिखाई देती थी। भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद उन्होंने अपने कर्तव्यों का बेहतरीन ढंग से निर्वहन किया और आज उनकी बहादुरी को पूरे देश ने सम्मान दिया है।
मात्र 29 वर्ष की उम्र में मेजर आशीष कुमार भारतीय सेना की 7 पैरा (स्पेशल फोर्स) यूनिट में तैनात हैं। नवंबर 2024 में अनंतनाग में चलाए गए एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया था। अभियान के दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना पूरी टीम और स्नाइपर दस्तों का प्रभावी समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप दो आतंकवादी ढेर किए गए और मिशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
परिजनों का कहना है कि मेजर आशीष की यह उपलब्धि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और देश सेवा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 8 जून 2026 को आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न पुलिस बलों के जवानों को कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र सहित कई वीरता पुरस्कार प्रदान किए थे। इन्हीं सम्मानित वीरों में बिहार के मेजर आशीष कुमार का नाम भी शामिल रहा।
मेजर आशीष कुमार की इस उपलब्धि ने न केवल गया बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है।


