
बौद्ध पर्यटन को मिलेगा नया वैश्विक केंद्र
पटना, 20 जुलाई 2025: बिहार के वैशाली में निर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का उद्घाटन जुलाई के अंतिम सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय भव्यता के साथ किया जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में दुनिया के 15 बौद्ध देशों से भिक्षुओं का प्रतिनिधिमंडल वैशाली पहुंचेगा।
इन देशों में चीन, जापान, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, तिब्बत, म्यांमार, मलेशिया, भूटान, वियतनाम, कंबोडिया, मंगोलिया, लाओस, बांग्लादेश और इंडोनेशिया शामिल हैं।
550 करोड़ की लागत से तैयार हुआ भव्य परिसर
यह स्तूप परिसर 550.48 करोड़ रुपये की लागत से 72 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह स्थल पवित्र पुष्करणी तालाब और मड स्तूप के निकट स्थित है। यहां वर्ष 1958-62 में की गई पुरातात्विक खुदाई के दौरान प्राप्त भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थिकलश को संग्रहालय के प्रथम तल पर विशेष सुरक्षा के साथ स्थापित किया जाएगा।
स्थापत्य की खासियत
- स्तूप पूरी तरह पत्थरों से निर्मित है
- निर्माण में राजस्थान के वंशी पहाड़पुर से मंगवाए गए 42,373 बलुआ पत्थर का प्रयोग
- पत्थरों को टंग एंड ग्रूव तकनीक से जोड़ा गया है
- निर्माण में भूकंपरोधी आधुनिक तकनीक का उपयोग
- चारों ओर लिली पोंड, सुंदर मूर्तियां और बागवानी से सुसज्जित परिसर
परिसर में विकसित प्रमुख सुविधाएं
- ध्यान केंद्र
- पुस्तकालय
- आगंतुक केंद्र
- संग्रहालय ब्लॉक
- एम्फीथियेटर
- कैफेटेरिया
- 500 किलोवाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र
- विशाल पार्किंग क्षेत्र
इसके अलावा, ओडिशा के मूर्तिकारों द्वारा निर्मित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा परिसर की विशेष पहचान बनेगी।
वैशाली बनेगा बौद्ध पर्यटन का वैश्विक केंद्र
यह स्मृति स्तूप बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ-साथ वैशाली को विश्व बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और बिहार के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।
यह आयोजन बिहार के गौरव और वैश्विक बौद्ध विरासत का संगम होगा।


