एसएम कॉलेज में संविधान दिवस पर व्याख्यान, पोस्टर प्रेजेंटेशन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय भारतीय संविधान की आधारशिला— डॉ. दिनकर

संवैधानिक ढाँचों पर प्रहार लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा— प्रो. विजय कुमार

भाषण प्रतियोगिता में अन्नु मल्लिका और पोस्टर प्रेजेंटेशन में आसमा रफी को प्रथम स्थान

भागलपुर:संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को एसएम कॉलेज, भागलपुर के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभाग में व्याख्यान, पोस्टर प्रेजेंटेशन और भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और भारत के संविधान की महत्ता से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के प्रभारी हेड डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. दीपक दिनकर और मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार (पूर्व विभागाध्यक्ष, पीजी राजनीति विज्ञान विभाग, टीएमबीयू) ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।


“संवैधानिक ढाँचों पर प्रहार लोकतंत्र के लिए खतरा” — प्रो. विजय कुमार

मुख्य अतिथि प्रो. विजय कुमार ने कहा कि:

“भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा, लिखित और सशक्त संविधान है। आज लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं में कमी आई है। संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार और उनके दुरुपयोग की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।”

उन्होंने कहा कि आज राजनीति में नैतिकता और मूल्य आधारित व्यवहार संकट में हैं और इसे लेकर समाज व शिक्षण संस्थानों को जागरूकता बढ़ानी चाहिए।


“समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय संविधान की आधारशिला”— डॉ. दीपक कुमार दिनकर

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. दिनकर ने कहा:

“संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देना और इनका जन-जन तक प्रसार करना है। समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय—इन चार स्तंभों पर भारतीय संविधान की पूरी व्यवस्था खड़ी है। संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा और राष्ट्र की एकता व प्रगति का मूल आधार है।”


मुख्य वक्ता डॉ. रवि शंकर कुमार चौधरी का संबोधन

टीएनबी कॉलेज के इतिहास विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रवि शंकर कुमार चौधरी ने संविधान को “भारत की सांस्कृतिक धरोहर, एकता और अखंडता का प्रतीक” बताया।

उन्होंने कहा कि संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय समाज की विविधताओं को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है।


प्रतियोगिताओं में छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

भाषण प्रतियोगिता परिणाम:

  • प्रथम स्थान: अन्नु मल्लिका
  • द्वितीय स्थान (संयुक्त): आशी सिंह एवं सोनाली
  • तृतीय स्थान (संयुक्त): गुनगुन प्रिया एवं ज्योति कुमारी

पोस्टर प्रेजेंटेशन परिणाम:

  • प्रथम स्थान: आसमा रफी
  • द्वितीय स्थान: माही राज
  • तृतीय स्थान: रोशनी सिंह

प्रतिभागियों को उपहार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक छात्राओं ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में हिस्सा लिया।


निर्णायक मंडल और आयोजन टीम

निर्णायक की भूमिका में डॉ. मधु कुमारी और डॉ. हिमांशु शेखर शामिल रहे।
कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. सुनीता सिन्हा, प्रो. ईशा स्मिता के साथ बीबी आफरीन, बीबी आलिया, सोनाली, सृष्टि आदि छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

धन्यवाद ज्ञापन प्रो. ईशा स्मिता ने किया।
मंच संचालन स्नातक सेमेस्टर–1 की छात्राएं स्नेहा कुमारी और आशी सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


 

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