सिवान में पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: बीजेपी नेता के भांजे की हत्या का मुख्य आरोपी सोनू यादव एनकाउंटर में ढेर; लकड़ी के पास हुई खूनी मुठभेड़

सिवान। बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है। सिवान जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले कुख्यात अपराधियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार, 03 मई 2026 की सुबह सिवान के बड़हरिया थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चर्चित गोलीकांड का मुख्य आरोपी और 25 हजार का इनामी अपराधी सोनू यादव मारा गया है। यह वही अपराधी था जिसने कुछ दिन पहले बीजेपी नेता के भांजे की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की इस जवाबी कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि जिले में पुलिस के इकबाल को भी बुलंद किया है। रविवार की सुबह हुई इस भिड़ंत के बाद पूरे सिवान जिले में हड़कंप का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराध की राह चुनने वालों के लिए अब केवल जेल या सजा का रास्ता ही खुला है।

लकड़ी के पास ‘आमने-सामने’ की जंग

​मुठभेड़ की यह घटना रविवार सुबह बड़हरिया थाना इलाके के लकड़ी के पास हुई। पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि 25 हजार का इनामी अपराधी सोनू यादव किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से बड़हरिया की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही सिवान एसपी पुरन कुमार झा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व एसडीपीओ अजय कुमार सिंह कर रहे थे। पुलिस ने लकड़ी के पास अपराधियों की घेराबंदी शुरू की।

​पुलिस टीम को देखते ही सोनू यादव ने आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने की कोशिश की और पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों की ओर से अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें सोनू यादव गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस उसे तुरंत उठाकर इलाज के लिए सिवान सदर अस्पताल लेकर आई, लेकिन रास्ते में ही उसके शरीर ने संघर्ष छोड़ दिया था। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बीजेपी नेता के परिवार पर किया था खूनी हमला

​मारे गए अपराधी सोनू यादव पर बीजेपी नेता मनोज सिंह के परिवार को निशाना बनाने का गंभीर आरोप था। यह मामला 29 अप्रैल 2026 को सिवान नगर थाना इलाके के अंदर ढाला के पास हुए चर्चित गोलीकांड से जुड़ा है। आरोप है कि सोनू यादव और उसके गिरोह ने बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष कुमार और उनके बहनोई चन्दन सिंह पर जानलेवा हमला किया था।

​इस हमले में हर्ष कुमार को कई गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, मनोज सिंह के बहनोई चन्दन सिंह इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका वर्तमान में उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद से ही सिवान की राजनैतिक और सामाजिक फिजा में काफी उबाल था। बीजेपी नेता के परिवार पर हुए इस हमले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया था। सोनू यादव इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर बताया जा रहा था।

कौन था कुख्यात सोनू यादव?

​मुठभेड़ में मारा गया सोनू यादव हुसैनगंज थाना इलाके के सरेया गांव का रहने वाला था और गरजू यादव का बेटा था। वह इलाके का एक नामी अपराधी बन चुका था, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और लूट के कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज थे। हर्ष कुमार की हत्या के बाद उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, सोनू यादव ने इलाके में अपना एक गैंग बना रखा था जो सुपारी किलिंग और जमीनी विवादों में दखल देने के लिए कुख्यात था। 29 अप्रैल की घटना के बाद से ही वह पुलिस की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शीर्ष पर था।

सिंडिकेट का सफाया: छोटू और सुनील पहले ही गिरफ्त में

​इस चर्चित गोलीकांड में शामिल अन्य अपराधियों के खिलाफ भी पुलिस ने पहले ही बड़ी कार्रवाई की थी। इस मामले में पुलिस ने एक और अपराधी छोटू यादव को भी मुठभेड़ के बाद ही गिरफ्तार किया था। छोटू यादव को भी पुलिस की गोली लगी थी और वह फिलहाल पीएमसीएच पटना में पुलिस अभिरक्षा में इलाजरत है।

​वहीं, गिरोह का एक और सदस्य सुनील यादव भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। सुनील यादव को पुलिस ने उस गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया था, जिसका इस्तेमाल 29 अप्रैल की वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था। सोनू यादव की मौत के बाद अब इस गिरोह की कमर पूरी तरह से टूट चुकी है। पुलिस अब इन गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य मददगारों और शरण देने वालों की तलाश में जुटी है।

एसपी पुरन कुमार झा की रणनीति आई काम

​सिवान के एसपी पुरन कुमार झा ने इस एनकाउंटर के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस किसी भी अपराधी को सिर उठाने का मौका नहीं देगी। उन्होंने बताया कि बीजेपी नेता के परिजनों पर हुए हमले के बाद से ही पुलिस की कई टीमें तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों का पीछा कर रही थीं। एसडीपीओ अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने रविवार की सुबह पेशेवर तरीके से अपराधियों को घेरा।

​पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अपराधी को जिंदा पकड़कर कानून के हवाले करना था, लेकिन जब अपराधी ने पुलिस बल की जान लेने की कोशिश की, तब आत्मरक्षा में गोली चलाना अनिवार्य हो गया। इस मुठभेड़ में पुलिस के कुछ जवानों को भी मामूली चोटें आई हैं। एसपी ने साफ संदेश दिया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हर कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है।

सिवान में बढ़ी सख्ती, छापेमारी जारी

​सोनू यादव के एनकाउंटर के बाद पूरे सिवान जिले में पुलिस की गश्ती और सख्ती को बढ़ा दिया गया है। विशेष रूप से बड़हरिया और हुसैनगंज के इलाकों में पुलिस की विशेष चौकसी देखी जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह के कुछ और गुर्गे अब भी आसपास के इलाकों में छिपे हो सकते हैं। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

​इस एनकाउंटर के बाद जिले के लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों के बीच खौफ का माहौल है। आम जनता का मानना है कि ऐसे कुख्यात अपराधियों के अंत से ही समाज में सुरक्षा का भाव पैदा होगा। हर्ष कुमार की हत्या के बाद से जो राजनैतिक तनाव बना हुआ था, वह अब इस कार्रवाई के बाद कुछ शांत होने की उम्मीद है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि फरार चल रहे अन्य आरोपी भी यदि जल्द ही आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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