मोतिहारी में चौंकाने वाला मामला: 7 साल पहले ‘मृत’ घोषित महिला जिंदा मिली, इलाके में सनसनी

बिहार के मोतिहारी में उस वक्त लोग हैरान रह गए, जब सात साल पहले मृत बताई गई महिला अचानक जिंदा लौट आई। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


2018 में शादी, कुछ महीनों बाद रहस्यमय ढंग से गायब

मामला चकिया थाना क्षेत्र के बारा गोविंद गांव से जुड़ा है।
4 मार्च 2018 को नरेंद्र (बदला हुआ नाम) की शादी हुई थी, लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद दुल्हन अचानक गायब हो गई

महिला के लापता होने के बाद उसके पिता ने 9 नवंबर 2018 को मोतिहारी न्यायालय में परिवाद दायर किया।


दहेज के लिए हत्या का गंभीर आरोप

परिवाद में आरोप लगाया गया कि

  • दहेज की लालच में ससुराल वालों ने बेटी की हत्या कर दी
  • शव को गायब कर साक्ष्य मिटा दिए गए

कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए चकिया थाना कांड संख्या 294/18 दर्ज करने का आदेश दिया।


पति, सास-ससुर समेत 5 लोग बने आरोपी

तत्कालीन एसपी की निगरानी में हुई जांच में

  • पति, सास, ससुर सहित कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया
  • गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी फरार हो गए
  • उनके परिवारों पर सामाजिक और मानसिक दबाव बढ़ता गया

समझौते की कोशिश और केस की रफ्तार धीमी

पुलिस लंबे समय तक आरोपियों को नहीं ढूंढ पाई।
इस दौरान

  • कथित तौर पर मामले को रफा-दफा करने के लिए मोटी रकम की पेशकश हुई
  • सुलहनामा दाखिल कर केस को कमजोर करने की कोशिश की गई

जांच में बड़ा खुलासा: महिला जिंदा है

हालांकि पुलिस ने जांच पूरी तरह बंद नहीं की।
इसी दौरान एक गोपनीय सूचना मिली कि
महिला जिंदा है और अपने मायके में मौजूद है।

इस सूचना पर

  • पीएसआई मौसम कुमार
  • पीएसआई साक्षी सेहा
  • पुलिस टीम के साथ छापेमारी की गई

मायके से महिला को बरामद कर लिया गया


गुजरात में दूसरी शादी, एक बच्चा भी

पुलिस पूछताछ में महिला ने चौंकाने वाला खुलासा किया।
उसने बताया कि

  • ससुराल के माहौल से तंग आकर वह घर से भाग गई थी
  • गुजरात के अहमदाबाद पहुंची
  • वहां दूसरे युवक से शादी कर ली
  • उसे एक बच्चा भी हुआ
  • हाल ही में वह मायके आई थी, तभी पुलिस पहुंच गई

महिला का बयान: ‘मेरी हत्या नहीं हुई थी’

“ना मेरी हत्या हुई थी और ना ही दहेज की कोई मांग थी। मेरे पिता ने झूठा आरोप लगाया। ससुराल वालों को बेवजह फंसाया गया।”
बरामद महिला


पुलिस ने बताया झूठा केस, ससुराल पक्ष को राहत

पुलिस अधिकारियों ने इसे झूठी शिकायत का क्लासिक मामला बताया।

“ऐसे फर्जी केस निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करते हैं और पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग करते हैं।”
मोतिहारी एसपी

चकिया थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि

  • ससुराल पक्ष को क्लीन चिट दी जाएगी
  • सुलहनामा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
  • महिला के पिता पर झूठी शिकायत दर्ज कराने का केस चल सकता है

“महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।”
मौसम कुमार, जांच अधिकारी


सिस्टम के लिए सबक बना यह मामला

महिला की बरामदगी

  • ससुराल पक्ष के लिए राहत
  • पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए चेतावनी

सात साल तक निर्दोष लोग फरार की जिंदगी जीते रहे
अब महिला अहमदाबाद लौटने की तैयारी कर रही है, जहां उसका पति और बच्चा उसका इंतजार कर रहे हैं।


 

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