शेखपुरा में दरिंदगी: 8 साल की मासूम से रेप; केरल से लौटे ‘सीरियल रेपिस्ट’ ने दिया वारदात को अंजाम, 8 घंटे में गिरफ्तार

  • हैवानियत: महुली थाना क्षेत्र में 8 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर सुनसान जगह पर किया दुष्कर्म; चीखने-चिल्लाने पर फरार हुआ आरोपी।
  • बिजली की गति: एसपी बलिराम कुमार चौधरी के निर्देश पर पुलिस ने 8 घंटे के भीतर सुलझाया मामला; नवादा के कौआकोल से दबोचा गया आरोपी मोहम्मद सन्नी।
  • आदतन अपराधी: केरल से कुछ दिन पहले ही लौटा था गांव; पहले भी रेप केस में काट चुका है 3 साल की सजा, पुलिस ने कहा- पनाह देने वालों पर भी होगी कार्रवाई।

द वॉयस ऑफ बिहार (शेखपुरा)

​शेखपुरा (Sheikhpura) जिले के महुली थाना क्षेत्र (Mahuli Police Station) से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 8 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। हालांकि, शेखपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 8 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

केरल से लौटा था शैतान

​आरोपी की पहचान चोढ़ दरगाह गांव निवासी मोहम्मद सन्नी (Mohammad Sunny) के रूप में हुई है।

  • घटनाक्रम: आरोपी ने पहले मासूम बच्ची का अपहरण किया और उसे एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची दर्द से चीखने-चिल्लाने लगी, तो आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया।
  • आपराधिक इतिहास: पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सन्नी एक आदतन अपराधी है। वह पहले भी दुष्कर्म के मामले में 2 से 3 साल की जेल काट चुका है। वह कुछ दिन पहले ही केरल (Kerala) से गांव वापस आया था।

8 घंटे में पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’

​घटना की जानकारी मिलते ही एसपी बलिराम कुमार चौधरी (SP Baliram Kumar Choudhary) ने तुरंत एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया। टीम का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. राकेश कुमार कर रहे थे, जिसमें महुली, अरियरी और महिला थानाध्यक्ष शामिल थे।

  • छापेमारी: पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को नवादा (Nawada) जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र (Kauakol) से गिरफ्तार कर लिया। वह वहां एक गांव में छिपा हुआ था।
  • मेडिकल: पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल भेजा गया है।

मददगारों पर भी गिरेगी गाज

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन लोगों ने आरोपी को भगाने या छिपाने में मदद की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

बेटियों की सुरक्षा और अपराधियों के दुस्साहस पर यह घटना बड़ा सवाल है।

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