
बिहार सरकार में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में राज्य की बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। शुक्रवार को उन्होंने विधिवत रूप से ऊर्जा विभाग के मंत्री पद का कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया और राज्य की ऊर्जा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक राजनीतिक पद नहीं बल्कि बिहार की जनता की सेवा करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग राज्य के विकास की रीढ़ माना जाता है और इसकी कार्यप्रणाली का सीधा असर आम लोगों, उद्योगों, किसानों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ता है। ऐसे में विभाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि राज्य के हर गांव, कस्बे और शहर तक बेहतर बिजली सेवाएं पहुंचें। उन्होंने संकेत दिया कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए भी विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आधुनिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और डिजिटल सेवाओं से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक हर क्षेत्र बिजली पर निर्भर है। ऐसे में ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान राज्य में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा परियोजनाओं, लंबित योजनाओं और उपभोक्ता सेवाओं की स्थिति से अवगत कराया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार आम लोगों को बिजली बिल, कनेक्शन, ट्रांसफॉर्मर खराब होने और लाइन बाधित होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे मामलों में विभाग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जाएगा ताकि लोगों को तेजी से राहत मिल सके।
शैलेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बिजली पहुंचाना नहीं बल्कि भरोसेमंद और स्थायी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है, यदि योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और तकनीकी सुधारों पर ध्यान दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और औद्योगिक विकास को देखते हुए ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विभाग को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से काम करना होगा। इसके लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, वितरण नेटवर्क मजबूत करने और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मंत्री ने राज्य के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा विकसित बिहार का जो विजन प्रस्तुत किया गया है, उसी दिशा में ऊर्जा विभाग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का भरोसा जताया।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में ऊर्जा विभाग की भूमिका बेहद अहम होती है। ग्रामीण विद्युतीकरण, स्मार्ट मीटर, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और औद्योगिक क्षेत्रों को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराना जैसे मुद्दे सीधे राज्य के आर्थिक विकास से जुड़े होते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि बिहार ने पिछले कुछ वर्षों में बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं। कई ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज, बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री के सामने व्यवस्था में सुधार की बड़ी चुनौती होगी।
बताया जा रहा है कि विभाग आने वाले समय में बिजली वितरण व्यवस्था को डिजिटल और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर सकता है। स्मार्ट टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और उपभोक्ता सेवा पोर्टल को मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है ताकि लोगों को पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
उद्योग जगत की ओर से भी नई नियुक्ति का स्वागत किया गया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि बिजली व्यवस्था स्थिर और गुणवत्तापूर्ण होगी तो राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
आम उपभोक्ताओं को भी नई सरकार और नए मंत्री से काफी उम्मीदें हैं। लोगों का कहना है that बिजली सेवाओं में सुधार होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर होगा। खासकर गर्मी के मौसम में लगातार बिजली उपलब्ध रहना लोगों की बड़ी जरूरत बन चुका है।
फिलहाल ऊर्जा विभाग में नए नेतृत्व के साथ कामकाज की नई दिशा तय होने लगी है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि नई योजनाओं और सुधारात्मक कदमों से राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा। आने वाले महीनों में यह साफ हो सकेगा कि नई टीम बिजली आपूर्ति, उपभोक्ता सेवाओं और तकनीकी सुधारों के मोर्चे पर कितनी तेजी से बदलाव ला पाती है।
बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर सरकार की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में बिजली व्यवस्था को विकास की मुख्य धुरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। अब जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि घोषणाएं और संकल्प जमीन पर किस हद तक उतरते हैं और आम लोगों को इसका कितना लाभ मिल पाता है।


