सहरसा में सनसनी! मक्के के खेत में मिली युवती की खून से लथपथ लाश; गर्दन में गोली मारकर की गई हत्या

सहरसा: सूबे में बेखौफ बदमाशों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ कोपरिया गांव के पास एक 20 वर्षीय युवती की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवती का शव गांव से दूर मक्के के खेत में बरामद हुआ है, जिसके बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।

मक्के के खेत में ‘मौत’ का मंजर

​रविवार दोपहर बाद कोपरिया गांव के गुलडाही बहियार में कुछ महिलाएं मवेशियों के लिए घास लेने गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर मक्के के खेत में पड़ी एक लाश पर पड़ी।

  • मृतका की पहचान: मृतका की पहचान कोपरिया गांव के ही धीरेन यादव की 20 वर्षीय पुत्री शुषम कुमारी के रूप में हुई है।
  • हत्या का तरीका: बदमाशों ने शुषम की गर्दन के बाईं ओर गोली मारी है। घटनास्थल पर चारों ओर खून बिखरा था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या काफी करीब से की गई है।

पुलिस और FSL टीम ने शुरू की जांच

​घटना की सूचना मिलते ही सलखुआ थाना पुलिस और साइबर डीएसपी अजीत कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे।

  • साक्ष्य संकलन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
  • मौन है पुलिस: फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग, आपसी रंजिश या कोई और कारण है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • मृतका: शुषम कुमारी (20 वर्ष)।
  • पिता: धीरेन यादव।
  • स्थान: कोपरिया गांव, सलखुआ (सहरसा)।
  • शव बरामदगी: गुलडाही बहियार स्थित मक्के का खेत।
  • जांच अधिकारी: साइबर डीएसपी अजीत कुमार।
  • वर्तमान स्थिति: मामला दर्ज, तहकीकात जारी।

VOB का नजरिया: क्या सुरक्षित हैं हमारी बेटियां?

​सहरसा की यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। दिन-दहाड़े एक युवती की हत्या कर उसका शव खेत में फेंक देना बदमाशों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। कोपरिया गांव के ग्रामीण डरे हुए हैं और पुलिस से जल्द से जल्द कातिलों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) मांग करता है कि पुलिस न केवल इस मामले का जल्द उद्भेदन करे, बल्कि ग्रामीण इलाकों में गश्त भी बढ़ाए ताकि फिर किसी ‘शुषम’ को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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