छपरा में सनसनी! डबल डेकर पुल के इंजीनियर ने पत्नी संग तीसरी मंजिल से लगाई छलांग; पति की मौत, पत्नी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही

समाचार के मुख्य बिंदु: सारण में घरेलू विवाद का खौफनाक अंत

  • बड़ी घटना: सारण जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेंद्र सरोवर के पास एक दंपति ने तीन मंजिला मकान से कूदकर जान देने की कोशिश की।
  • इंजीनियर की मौत: मृतक पिंटू सिंह शहर में बन रहे महत्वपूर्ण ‘डबल डेकर पुल’ परियोजना में अभियंता (इंजीनियर) के पद पर कार्यरत थे।
  • पत्नी की स्थिति: गंभीर रूप से घायल पत्नी प्रिया सिंह का सदर अस्पताल में इलाज जारी है, स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
  • विवाद की पृष्ठभूमि: पुलिस सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े हुआ करते थे; बुधवार रात विवाद ने उग्र रूप ले लिया।
  • पुलिसिया कार्रवाई: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और नगर थाना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
  • VOB इनसाइट: एक जिम्मेदार पद पर आसीन पेशेवर का इस तरह आत्मघाती कदम उठाना कार्यस्थल के दबाव और निजी जीवन के तनाव के बीच बढ़ते असंतुलन की ओर इशारा करता है।

छपरा (सारण) | 26 मार्च, 2026

​बिहार के सारण जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने जिले के प्रशासनिक और इंजीनियरिंग हलकों को हिलाकर रख दिया है। शहर के बहुप्रतीक्षित ‘डबल डेकर पुल’ निर्माण से जुड़े एक मुख्य अभियंता ने घरेलू कलह के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र सरोवर के समीप स्थित एक किराए के मकान में बुधवार की देर रात घटित हुई।

आधी रात का खौफनाक मंजर: बहस, चीख और फिर खामोशी

​जानकारी के अनुसार, मृतक पिंटू सिंह मूल रूप से खैरा थाना क्षेत्र के पटेढा गांव के निवासी थे। वे अपनी पत्नी प्रिया सिंह (भेल्दी थाना क्षेत्र के नाहरपुर की निवासी) के साथ शहर में रहकर डबल डेकर पुल परियोजना को धरातल पर उतारने में जुटे थे।

​पड़ोसियों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक:

  • अक्सर होती थी झड़प: पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। बुधवार की रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई।
  • आत्मघाती कदम: विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर दोनों ने तीन मंजिला मकान की छत से नीचे छलांग लगा दी।
  • दर्दनाक अंत: नीचे गिरते ही पिंटू सिंह को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनकी पत्नी प्रिया सिंह लहूलुहान अवस्था में मिलीं, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया।

प्रशासनिक हलचल: पोस्टमार्टम और एफआईआर की प्रक्रिया

​घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए।

  1. सदर अस्पताल में भर्ती: घायल प्रिया सिंह का इलाज छपरा सदर अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
  2. पोस्टमार्टम: पुलिस ने पिंटू सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और चोटों की प्रकृति का पता चल सकेगा।
  3. जांच का दायरा: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह केवल आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

VOB का नजरिया: पेशेवर सफलता बनाम मानसिक स्वास्थ्य

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि यह घटना हमारे समाज के एक कड़वे सच को उजागर करती है।

  • इंजीनियरिंग का दबाव: डबल डेकर पुल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले अधिकारियों पर समय सीमा और गुणवत्ता का भारी दबाव रहता है। जब निजी जीवन में कलह बढ़ती है, तो मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
  • घरेलू हिंसा और संवाद: पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियां और संवाद की कमी अक्सर ऐसे हिंसक मोड़ ले लेती है।
  • अधिकारों की सुरक्षा: पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या यह आपसी सहमति से उठाया गया कदम था या किसी एक पक्ष द्वारा दूसरे पर दबाव बनाया गया था।

सुशासन और संवेदना की जरूरत

​पिंटू सिंह जैसे होनहार इंजीनियर का असमय चला जाना सारण के बुनियादी ढांचा विकास के लिए भी एक बड़ी क्षति है। अब पुलिस की जांच और प्रिया सिंह के बयान से ही इस ‘डेथ मिस्ट्री’ की गुत्थी सुलझ पाएगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस मामले में दर्ज होने वाली प्राथमिकी और अस्पताल से मिलने वाले हेल्थ अपडेट की हर जानकारी आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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