PHED मंत्री संजय सिंह पर राजद का हमला तेज, कैलेंडर विवाद से लेकर शराब तस्करी कनेक्शन तक उठे सवाल

पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने लोजपा (रामविलास) के नेता और बिहार सरकार के PHED मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। मामला एक सरकारी कैलेंडर से शुरू हुआ, लेकिन अब यह कई अन्य आरोपों तक पहुंच गया है।

कैलेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद

राजद ने सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया है कि PHED विभाग द्वारा जारी किए गए सरकारी कैलेंडर में मंत्री संजय सिंह ने अपने परिवार और बच्चों की तस्वीरें प्रकाशित करवाई हैं। पार्टी ने इसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बताते हुए सवाल उठाया कि क्या यह विभाग का आधिकारिक कैलेंडर है या निजी प्रचार का माध्यम।

राजद ने तंज कसते हुए कहा कि “सरकारी पैसे से आत्म-प्रचार का यह उदाहरण बताता है कि व्यवस्था किस दिशा में जा रही है।” साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इस तरह की गतिविधियां प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा सियासी तापमान

राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट जारी कर कहा कि सरकार में बैठे लोग सार्वजनिक संसाधनों का निजी उपयोग कर रहे हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि जब राजनीतिक दल जमीनी कार्यकर्ताओं की बजाय प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को प्राथमिकता देते हैं, तो ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं।

फ्लैट घोटाले के आरोप भी उठे

कैलेंडर विवाद के बीच राजद ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए मंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि उन पर पैसे लेने के बावजूद फ्लैट न देने जैसे मामले सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

शराब तस्करी से जुड़े रिश्तों पर सवाल

विवाद तब और गहरा गया जब राजद ने मंत्री के एक कथित करीबी पर शराब तस्करी से जुड़े होने का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि वैशाली में पकड़ी गई शराब की खेप के मामले में चंदन सिंह नामक व्यक्ति का नाम सामने आया, जिसे मंत्री का नजदीकी बताया जा रहा है। राजद ने यह भी कहा कि उस व्यक्ति पर इनाम घोषित था और उसकी तस्वीरें कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के साथ वायरल हुई हैं।

NDA सरकार पर भी निशाना

राजद ने इस पूरे मामले को लेकर एनडीए सरकार पर भी हमला बोला। पार्टी ने कहा कि एक ओर सरकार शराबबंदी को लेकर सख्त रुख अपनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं।

मंत्री की ओर से अभी तक प्रतिक्रिया नहीं

इन तमाम आरोपों पर फिलहाल मंत्री संजय सिंह या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकता है विवाद

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आगे और तूल पकड़ सकता है। यदि आरोपों की जांच होती है, तो यह मुद्दा बिहार की राजनीति में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर बड़ा बहस का विषय बन सकता है।

फिलहाल, कैलेंडर विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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