भागलपुर। पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (मायागंज अस्पताल) के सामने वाटर पार्क के पास एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस घटना ने लोगों को गुस्से और आक्रोश से भर दिया है।
कपड़े में लपेटकर फेंका गया शव
स्थानीय लोगों ने बताया कि नवजात को कपड़े में लपेटकर सड़क किनारे फेंका गया था। राहगीरों ने जब देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
लोगों की आशंका
स्थानीय लोगों का मानना है कि नवजात को मायागंज अस्पताल से लाकर यहां फेंका गया होगा। संभावना जताई जा रही है कि डिलीवरी के बाद शिशु की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने शव को सड़क किनारे छोड़ दिया।
राहगीर ने दी सूचना
राहगीर बीके कुमार ने बताया,
“हम जा रहे थे तभी नजर कपड़े में लिपटे नवजात पर पड़ी। पास जाकर देखा तो वह मृत था। तुरंत 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची और शव को लेकर चली गई।”
पहले भी हुई थी ऐसी घटना
गौरतलब है कि एक महीने पहले भी मायागंज अस्पताल के पीछे कूड़ेदान में नवजात का शव मिला था। लगातार इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा और संवेदनशीलता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों में गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि यह मां-बच्चे के रिश्ते को शर्मसार करने वाली अमानवीय हरकत है। किसी भी परिस्थिति में नवजात को इस तरह लावारिस हालत में नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात शिशु को यहां किसने फेंका और उसके पीछे कौन जिम्मेदार है।


