
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: नीतीश कुमार चारों सदनों (LS, RS, विधानसभा, विधान परिषद) का हिस्सा बनने वाले बिहार के छठे राजनेता।
- लालू के बाद दूसरे मुख्यमंत्री: बिहार के राजनीतिक इतिहास में लालू प्रसाद के बाद यह उपलब्धि पाने वाले दूसरे CM।
- सपना हुआ पूरा: 1985 में विधानसभा से शुरू हुआ सफर, 2026 में राज्यसभा के साथ होगा पूर्ण।
- दिग्गजों की टोली: सुशील मोदी और रामकृपाल यादव जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हुआ नीतीश का नाम।
पटना: बिहार की सियासत में ‘नीतीश युग’ का एक बड़ा अध्याय अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर न केवल दिल्ली की राह पकड़ी है, बल्कि एक ऐसा दुर्लभ कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिया है जो बहुत कम राजनेताओं के नसीब में आता है। नीतीश कुमार अब उन चुनिंदा नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं जिन्होंने लोकतंत्र के चारों सदनों— लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
लालू प्रसाद के बाद दूसरे ‘ऑलराउंडर’ मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीति में लंबे समय तक प्रतिद्वंद्वी रहे लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के बीच अब एक और समानता जुड़ गई है। लालू प्रसाद के बाद नीतीश कुमार दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए या मुख्यमंत्री बनने के बाद चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है।
नीतीश कुमार का ‘संसदीय सफर’: 1985 से 2026 तक
सदन | पहली बार प्रवेश | कार्यकाल/विवरण |
|---|---|---|
बिहार विधानसभा | 1985 | पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। |
लोकसभा | 1989 | 9वीं लोकसभा के सदस्य बने (कुल 6 बार निर्वाचित)। |
बिहार विधान परिषद | 2006 | CM बनने के बाद पहली बार सदस्य बने (लगातार 4 बार)। |
राज्यसभा | 2026 | नामांकन दाखिल, संसदीय पारी का ‘ग्रैंड स्लैम’ पूरा। |
बिहार के वो 6 ‘महारथी’ जो चारों सदनों में पहुँचे
नीतीश कुमार इस क्लब में शामिल होने वाले छठे राजनेता हैं। उनसे पहले इन 5 दिग्गजों ने यह मुकाम हासिल किया है:
- लालू प्रसाद यादव
- सुशील कुमार मोदी
- रामकृपाल यादव
- उपेन्द्र कुशवाहा
- नागमणि


