“मुन्ना” से “सुशासन बाबू” तक! नालंदा के लाल नीतीश कुमार के 75 वर्षों का ऐतिहासिक सफर; एक इंजीनियर जिसने बदल दिया बिहार का नक्शा

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • शून्य से शिखर: नालंदा के कल्याण बिगहा से निकलकर बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले CM बने नीतीश।
  • इंजीनियरिंग से राजनीति: बिजली बोर्ड की नौकरी छोड़ जेपी आंदोलन के जरिए रखा राजनीति में कदम।
  • किंगमेकर से किंग: 1990 में लालू यादव को CM बनवाया, फिर अपनी राह अलग कर खुद संभाली सत्ता।
  • रिकॉर्ड मैन: 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले देश के इकलौते नेता।

पटना: बिहार की सियासत में ‘नीतीश कुमार’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि पिछले दो दशकों का वह ‘धुरी’ (Axis) है जिसके इर्द-गिर्द सूबे की पूरी राजनीति घूमती रही। 1 मार्च को अपना 75वां जन्मदिन मनाने के ठीक 4 दिन बाद मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा जाने का फैसला कर उन्होंने एक बार फिर अपनी ‘चौंकाने वाली’ शैली का परिचय दिया है। एक साधारण स्वतंत्रता सेनानी के घर पैदा हुए ‘मुन्ना’ ने अपनी सृजनशीलता से बिहार का कायाकल्प कर दिया।

कल्याण बिगहा से ‘इंजीनियरिंग’ तक का सफर

​नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को नालंदा के हरनौत स्थित कल्याण बिगहा में हुआ।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: पिता कविराज रामलखन सिंह एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी थे।
  • शिक्षा: 1972 में बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
  • नौकरी बनाम जुनून: उन्होंने बिहार बिजली बोर्ड में बतौर इंजीनियर करियर शुरू किया, लेकिन 1974 में जेपी के ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन की पुकार उन्हें सड़कों पर ले आई।

शुरुआती संघर्ष: जब मिली लगातार दो हार

​नीतीश कुमार की राजनीतिक शुरुआत आसान नहीं थी।

  1. 1977 और 1980: साथियों के कहने पर चुनाव लड़े, लेकिन लगातार दो बार हार का मुंह देखना पड़ा।
  2. पहली जीत: 1985 में पहली बार विधानसभा पहुँचे।
  3. लालू के साथ और अलगाव: 1990 में लालू प्रसाद को मुख्यमंत्री बनाने में नीतीश का हाथ सबसे ऊपर था, लेकिन ‘सामाजिक न्याय’ की लड़ाई जब दिशा भटकने लगी, तो 1994 में जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी बनाई।

रिकॉर्ड्स का ‘सुशासन’ (Snapshot of Achievements)

श्रेणी

उपलब्धि / कार्यकाल

मुख्यमंत्री पद की शपथ

रिकॉर्ड 10 बार

सबसे लंबा कार्यकाल

आजादी के बाद बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले CM

केंद्रीय मंत्री पद

रेल, कृषि और भूतल परिवहन मंत्री (अटल बिहारी वाजपेयी सरकार)

त्याग की राजनीति

1999 में गैसल रेल हादसे के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया।

दलित/अति पिछड़ा कार्ड

अति पिछड़ी जातियों के सशक्तीकरण के लिए नया समीकरण बनाया।

व्यक्तिगत जीवन: सादगी और अनुशासन

​नीतीश कुमार का उपनाम आज भी उनके करीबियों के बीच “मुन्ना” है।

  • परिवार: 1973 में मंजू कुमारी सिन्हा (शिक्षिका) से विवाह हुआ।
  • उत्तराधिकारी: उनका एक बेटा है, निशांत, जो खुद बीआईटी मेसरा से इंजीनियर है, लेकिन राजनीति से कोसों दूर रहता है।

VOB का नजरिया: एक युग का ‘दिल्ली प्रस्थान’

​नीतीश कुमार ने बिहार को ‘लालटेन युग’ से निकालकर ‘बिजली और सड़क’ के युग में पहुँचाया। भले ही उन पर राजनीतिक पलटी मारने के आरोप लगते रहे हों, लेकिन इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि उन्होंने बिहार में ‘वोट बैंक’ की नई परिभाषा लिखी— “महिलाएं और अति पिछड़ा वर्ग।” उनका राज्यसभा जाना बिहार की राजनीति में एक बड़े वैक्यूम (शून्य) को पैदा करेगा।

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