भागलपुर | 17 जुलाई 2025: पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज भागलपुर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान घोषणा की कि “सनातन संग भारत जन चेतना अभियान” अब पूरे देशभर में संचालित किया जाएगा। यह अभियान वेद, धर्म, राष्ट्रधर्म और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
पांच राज्यों में भव्य महाकुंभ, बिहार के मंदार पर्वत पर होगा समापन
अश्विनी चौबे ने बताया कि इस अभियान के तहत अगले पाँच वर्षों में विभिन्न राज्यों में सनातन महाकुंभ का आयोजन होगा:
- 2026 – उत्तर प्रदेश
- 2027 – मध्य प्रदेश
- 2028 – छत्तीसगढ़
- 2029 – महाराष्ट्र
- 2030 – मंदार पर्वत, बांका (बिहार) – समापन समारोह
उन्होंने कहा कि इस महाअभियान के माध्यम से देश की आत्मा मानी जाने वाली सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।
“गांधी मैदान को शुद्ध करने के लिए किया गया महाकुंभ आयोजन”
श्री चौबे ने कहा कि 6 जुलाई 2025 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ ऐतिहासिक रहा। उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन 29 जून को उसी स्थान पर ‘गौ हत्यारों और तुष्टिकरण की राजनीति’ करने वालों द्वारा फैलाए गए ‘विष’ को शुद्ध करने के उद्देश्य से किया गया था।
“लालू ताजिया देखते हैं, लेकिन सनातन से दूरी बनाते हैं”
चौबे ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सनातन महाकुंभ के लिए राहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को तीन-तीन बार निमंत्रण भेजा गया, परंतु वे नहीं आए। उन्होंने लालू यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि वे ताजिया में तो रुचि लेते हैं, लेकिन सनातन परंपरा से दूर रहते हैं।
परशुराम जन्मोत्सव और संतों का संदेश
पटना में हुए महाकुंभ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का समापन समारोह भी आयोजित किया गया।
प्रमुख संतों की उपस्थिति में सनातन धर्म के संरक्षण और राष्ट्र चेतना की बात की गई:
- जगतगुरु शंकराचार्य श्री स्वरूपानंदेन्द्र सरस्वती
- तुलसीपीठाधीश्वर श्रीरामभद्राचार्य जी
- बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
- स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज
- स्वामी अनंताचार्य जी (रामानुजाचार्य परंपरा)
राजनीतिक और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री — सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, और अन्य कई मंत्री व जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
अन्य प्रमुख अतिथियों में शामिल थे:
- डॉ. प्रेम कुमार, नितिन नवीन (मंत्री, बिहार सरकार)
- दयाशंकर सिंह (मंत्री, उत्तर प्रदेश)
- दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ (पूर्व सांसद)
- डॉ. दिलीप जायसवाल (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष)
- कृष्णकांत ओझा (अध्यक्ष, श्रीराम कर्मभूमि न्यास)
पुस्तक विमोचन और संकल्प प्रस्ताव
इस अवसर पर अश्विनी चौबे व कुमार सुशांत द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन हुआ:
- “सनातन संग भारत”
- “सनातन संवाद स्मारिका”
कार्यक्रम में निम्नलिखित चार प्रमुख संकल्प पारित किए गए:
- मठ, मंदिर और गुरुकुलों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाना।
- पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) में भव्य माता सीता मंदिर का निर्माण।
- मंदार पर्वत (बांका) की सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार।
- बक्सर के सिद्धाश्रम में श्रीराम की विशाल प्रतिमा और वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना।
अश्विनी चौबे के प्रेरणास्पद उद्धरण
🕉️ “जब तक सनातन की रक्षा नहीं होगी, तब तक भारत की आत्मा सुरक्षित नहीं रह सकती।”
🕉️ “भगवान परशुराम सामाजिक समरसता, क्षात्रधर्म और न्याय के प्रतीक हैं — आज उनके आदर्शों को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है।”


