भागलपुर के सिकंदरपुर में100 ग्राम ब्राउन शुगर और शराब के साथ समीर आनंद गिरफ्तार; वेट मशीन से तौलता था मौत का सामान

भागलपुर | 26 फरवरी, 2026 भागलपुर में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब पॉश इलाकों और किराए के मकानों तक पहुँच चुका है। शहर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकंदरपुर मोहल्ले में पुलिस ने एक सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल धंधेबाज को गिरफ्तार किया है, जो किराए के मकान में रहकर शहर की जवानी को खोखला करने का नेटवर्क चला रहा था।

किराएदार के भेष में ‘मौत का सौदागर’: ऐसे हुआ भंडाफोड़

​मोजाहिदपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर के एक रिहायशी मकान में अवैध गतिविधियों का केंद्र चल रहा है।

  • छापेमारी की जगह: पुलिस ने सिकंदरपुर स्थित राजीव रंजन सिन्हा के मकान में दबिश दी।
  • आरोपी की पहचान: यहाँ समीर आनंद नामक युवक पिछले कुछ समय से किराएदार बनकर रह रहा था।
  • बरामदगी: जैसे ही पुलिस टीम कमरे में दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। मौके से 100 ग्राम ब्राउन शुगर, भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बरामद की गई।

संगठित अपराध का संकेत: ग्राम-ग्राम का हिसाब रखता था तस्कर

​इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन की बरामदगी है। पुलिस के अनुसार, यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि समीर आनंद कोई छोटा-मोटा नशेड़ी नहीं, बल्कि एक संगठित ड्रग पेडलर है।

​”ब्राउन शुगर जैसे महंगे नशे को ग्राम के हिसाब से बेचा जाता है। वेट मशीन का होना यह दर्शाता है कि यहाँ से नशे की पुड़िया बनाकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की जा रही थी। यह एक प्रोफेशनल सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है।” — जांच अधिकारी की प्राथमिक टिप्पणी

 

पुलिस की कार्रवाई और नेटवर्क की तलाश

​मोजाहिदपुर पुलिस ने समीर आनंद को गिरफ्तार कर संबंधित एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और मद्यनिषेध कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

  1. पूछताछ: पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि समीर को ब्राउन शुगर की इतनी बड़ी खेप कहाँ से मिल रही थी?
  2. सप्लाई चेन: उसके मोबाइल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं ताकि शहर के उन रईसजादों और युवाओं का पता लगाया जा सके जो उसके नियमित ‘कस्टमर’ थे।
  3. मकान मालिक की भूमिका: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मकान मालिक को इन गतिविधियों की भनक थी या नहीं।

VOB का नजरिया: मोहल्लों में छिपा है ‘जहर’

​भागलपुर के सिकंदरपुर जैसे इलाकों में किराए के कमरों से ड्रग्स का कारोबार चलना यह बताता है कि अपराधी अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए ‘सेफ हाउस’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। 100 ग्राम ब्राउन शुगर की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों में है। स्थानीय लोगों को भी चाहिए कि वे अपने आस-पड़ोस में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

  • Related Posts

    बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का ‘महा-प्लान’: 725 नए हाट-बाजारों से चमकेगी किसानों और जीविका दीदियों की किस्मत; जानें क्या है ‘G-RAM’ योजना

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    गन्ना किसानों के लिए ‘यंत्रीकरण’ की सौगात: कल बिहार की सभी चीनी मिलों में लगेंगे मेगा कैंप; यंत्रों की खरीद पर 3 दिनों में मिलेगा अनुदान, अधिकारियों की फौज तैनात

    Share Add as a preferred…

    Continue reading