साहिबगंज स्टेशन पर रेलवे का ‘हंटर’: मजिस्ट्रेट चेकिंग से बिना टिकट यात्रियों में हड़कंप, 81 धराए; मौके पर ही वसूला गया जुर्माना

भारतीय रेलवे के मालदा मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वाले और रेल नियमों की धज्जी उड़ाने वाले यात्रियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर एक विशेष और सघन ‘मजीस्ट्रेट टिकट जांच अभियान’ चलाया गया, जिसने स्टेशन परिसर और ट्रेनों में सफर कर रहे अनियमित यात्रियों के बीच हड़कंप मचा दिया। अक्सर रेल यात्रा के दौरान यह देखा जाता है कि कई लोग बिना उचित टिकट के न केवल सरकारी राजस्व को चपत लगाते हैं, बल्कि आरक्षित टिकट लेकर चलने वाले यात्रियों की असुविधा का कारण भी बनते हैं। इसी प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मालदा मंडल के रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में इस विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें स्वयं रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार मौजूद थे, जिसके कारण मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और दोषियों से दंड स्वरूप राशि वसूली गई। साहिबगंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर इस तरह की बड़ी कार्रवाई यह संदेश देती है कि रेलवे अब ‘चलता है’ वाली मानसिकता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी: कानून का कड़ा शिकंजा

​आमतौर पर होने वाली टिकट जांच और मजिस्ट्रेट चेकिंग में बुनियादी फर्क होता है। मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान रेलवे के पास यह शक्ति होती है कि वह नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ऑन-द-स्पॉट कानूनी कार्रवाई कर सके। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान में साहिबगंज के रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार की उपस्थिति ने रेल कर्मियों के मनोबल को बढ़ाया और उल्लंघनकर्ताओं के पास बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा।

​अभियान के दौरान साहिबगंज स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों की सघन तलाशी ली गई। वाणिज्य निरीक्षकों और टिकट जांच कर्मियों की फौज ने आरपीएफ (RPF) के जवानों के साथ मिलकर एक-एक कोच की बारीकी से जांच की। जैसे ही ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर लगीं, सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर दी ताकि बिना टिकट यात्री भाग न सकें। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति का असर यह रहा कि जो लोग अक्सर टीटीई (TTE) से बहस कर बच निकलने की कोशिश करते थे, वे कानून के सामने बेबस नजर आए।

कार्रवाई का लेखा-जोखा: 81 मामलों में 28 हजार से अधिक का जुर्माना

​सारे दिन चले इस सघन अभियान में रेलवे की टीम ने कुल 81 अनियमित यात्रा के मामले पकड़े। इन मामलों में केवल बिना टिकट यात्रा करने वाले लोग ही शामिल नहीं थे, बल्कि कई अन्य श्रेणियों के उल्लंघन भी पाए गए। पकड़े गए मामलों का विवरण इस प्रकार है:

  1. बिना टिकट यात्रा: बड़ी संख्या में ऐसे लोग पकड़े गए जो स्थानीय पैसेंजर ट्रेनों और एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल कोच में बिना किसी टिकट के सफर कर रहे थे।
  2. बिना बुक किया गया सामान (Unbooked Luggage): कई यात्री भारी मात्रा में व्यावसायिक सामान लेकर बिना बुकिंग के यात्रा कर रहे थे, जिससे अन्य यात्रियों को बैठने में असुविधा हो रही थी।
  3. स्टेशन पर गंदगी फैलाना: स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर भी नजर रखी गई और उनसे भी जुर्माना वसूला गया।

​इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 28,810 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में प्राप्त हुई। हालांकि यह राशि बड़ी नहीं लग सकती, लेकिन 81 लोगों पर एक ही दिन में की गई यह कार्रवाई एक कड़ा राजनैतिक और प्रशासनिक संदेश है। रेलवे का उद्देश्य केवल पैसा वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों के भीतर यह डर पैदा करना है कि बिना टिकट यात्रा करना अब महंगा पड़ सकता है।

राजस्व की सुरक्षा और जिम्मेदार व्यवहार की अपील

​मालदा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि टिकट रहित यात्रा भारतीय रेलवे के लिए एक नासूर की तरह है। इससे न केवल करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि होती है, बल्कि रेलवे द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। मनीष कुमार गुप्ता (DRM) के नेतृत्व में मालदा मंडल लगातार ऐसे अभियान चला रहा है ताकि ईमानदार यात्रियों को उनका हक मिल सके। अक्सर आरक्षित कोचों में बिना टिकट यात्रियों के घुस जाने से उन लोगों को परेशानी होती है जिन्होंने अपनी सीट के लिए महीनों पहले पैसे दिए होते हैं।

​वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने बताया कि साहिबगंज में की गई यह कार्रवाई मालदा मंडल की उस ‘दृढ़ प्रतिबद्धता’ का हिस्सा है, जिसके तहत हम रेलवे टिकटिंग नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना चाहते हैं। उनका कहना था कि जब तक यात्रियों में जिम्मेदार यात्रा व्यवहार प्रोत्साहित नहीं होगा, तब तक सुचारू रेल परिचालन संभव नहीं है। रेलवे का राजस्व वास्तव में जनता का पैसा है, जिसका उपयोग ट्रेनों के आधुनिकीकरण और स्टेशनों के विकास में किया जाता है। ऐसे में बिना टिकट यात्रा करना देश के विकास में बाधा डालने जैसा है।

RPF और वाणिज्य विभाग का तालमेल: एक संयुक्त प्रहार

​इस अभियान की सफलता के पीछे आरपीएफ और वाणिज्य विभाग का सटीक समन्वय रहा। साहिबगंज स्टेशन पर जैसे ही मजिस्ट्रेट की गाड़ी पहुँची, पूरी टीम सक्रिय हो गई। वाणिज्य निरीक्षक और टिकट जांच कर्मियों ने तकनीकी रूप से टिकटों की वैधता जांची, वहीं आरपीएफ के जवानों ने अनुशासन बनाए रखा और संदिग्धों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया।

​इस दौरान कुछ ऐसे मामले भी आए जहाँ यात्रियों ने जुर्माना भरने में आनाकानी की, लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार के कड़े रुख को देखते हुए अंततः उन्हें दंड का भुगतान करना पड़ा। रेलवे ने साफ कर दिया है कि जुर्माना न भरने की स्थिति में जेल भेजने का भी प्रावधान है। साहिबगंज स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्रियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। कई यात्रियों का कहना था कि ऐसे अभियानों से उन लोगों को तसल्ली मिलती है जो हमेशा टिकट लेकर चलते हैं।

मालदा मंडल की चेतावनी: अनवरत जारी रहेगी जांच

​मालदा मंडल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/04/36 में स्पष्ट किया गया है कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों जैसे भागलपुर, जमालपुर, मालदा टाउन और किऊल में भी इसी तरह के ‘सरप्राइज मजिस्ट्रेट चेक’ किए जाएंगे। रेलवे ने यात्रियों से पुरजोर अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले उचित और वैध टिकट अवश्य खरीदें।

​स्टेशन पर लाउडस्पीकर के माध्यम से भी यह घोषणा की जा रही है कि यात्री केवल प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ही स्टेशन में प्रवेश करें और ट्रेन यात्रा के लिए गंतव्य तक का वैध टिकट साथ रखें। यदि कोई यात्री बिना बुक किए गए भारी सामान के साथ पाया जाता है, तो उस पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साहिबगंज की इस कार्रवाई ने उन लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है जो रेलवे को ‘मुफ्त की सेवा’ समझते हैं। अब रेलवे की निगाहें उन गिरोहों और स्थानीय यात्रियों पर भी हैं जो आदतन बिना टिकट सफर करते हैं। सुशासन और पारदर्शी रेलवे के लिए मालदा मंडल का यह कदम आने वाले समय में रेल यात्रा को अधिक सुगम और अनुशासित बनाएगा।

  • ये भी पढ़े..

    कटिहार रेलवे स्टेशन पर बवाल: राजधानी एक्सप्रेस के आगे ट्रैक पर उतरे परीक्षार्थी, सरकार और रेलवे के खिलाफ नारेबाजी

    Share Add as a preferred…

    विक्रमशिला पुल पर मालवाहक वाहनों के वायरल वीडियो में जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

    Share Add as a preferred…