
बिहार के सहरसा जिले से चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक आरोपी ने पहले चोरी की वारदात को अंजाम दिया, फिर सीसीटीवी फुटेज में पहचान होने के बावजूद चालाकी से समय लेकर पीड़ित को भरोसे में लिया और अंततः वादा तोड़कर उसे ठग दिया। अब पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
यह मामला सहरसा शहर के नया बाजार स्थित वार्ड संख्या 11 का है, जहां रहने वाले संतोष कुमार ने चोरी की इस घटना की जानकारी दी। संतोष कुमार के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की सुबह जब वे अपने निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर वे स्तब्ध रह गए। मकान के एक कमरे का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखा सामान गायब था।
पीड़ित ने बताया कि कमरे के भीतर से पानी का मोटर, प्लास्टिक पाइप, बिजली के तार, स्विच-बोर्ड समेत करीब 30 हजार रुपये के सामान की चोरी हो चुकी थी। निर्माण कार्य के लिए जरूरी यह सामान उनके लिए काफी महत्वपूर्ण था, जिसकी चोरी से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
घटना के बाद संतोष कुमार ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नजर आया, जिसकी पहचान स्थानीय स्तर पर विनोद पासवान के रूप में की गई। फुटेज में उसकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थीं, जिससे पीड़ित को यकीन हो गया कि चोरी उसी ने की है।
इसके बाद संतोष कुमार ने खुद पहल करते हुए आरोपी को बुलाया और उससे पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने चोरी की बात से पूरी तरह इनकार नहीं किया, बल्कि दो दिन के भीतर सारा सामान वापस लौटाने का आश्वासन दिया। पीड़ित ने भरोसा करते हुए उसे समय दे दिया और कानूनी कार्रवाई से कुछ समय के लिए दूरी बनाए रखी।
लेकिन आरोपी ने तय समय के भीतर न तो सामान लौटाया और न ही पीड़ित से संपर्क किया। जब संतोष कुमार ने दोबारा उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस स्थिति में पीड़ित को यह एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है और आरोपी ने जानबूझकर समय लेकर उसे गुमराह किया।
खुद को ठगा महसूस करते हुए संतोष कुमार आखिरकार सहरसा सदर थाना पहुंचे और वहां लिखित आवेदन देकर मामले की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के बावजूद अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सीसीटीवी जैसे साधनों से उनकी पहचान आसान हो जाती है, लेकिन कई बार वे चालाकी से स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ितों को तुरंत कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आरोपी को समय न मिल सके। साथ ही, पुलिस को भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए, जिससे समाज में कानून का डर बना रहे।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में तेजी लाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले का खुलासा कर पाती है और पीड़ित को न्याय दिला पाती है या नहीं। वहीं, इस घटना ने आम लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का संदेश दिया है।


