
सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड स्थित बरहारा गांव में विकास की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। यहां एक दूल्हे को अपनी ही बारात बाइक से कीचड़ और पानी से भरे रास्तों से निकालनी पड़ी, जिसकी तस्वीरें अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
खेतों के रास्ते से गुजरी बारात
बरहारा गांव के डरहार पंचायत निवासी रविन झा जब अपनी शादी के लिए निकले, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जर्जर सड़कें थीं। गांव तक पहुंचने वाले रास्ते की हालत इतनी खराब थी कि दूल्हे को बारात के साथ बाइक से खेतों के बीच बने कीचड़ और पानी भरे रास्तों से गुजरना पड़ा।
विकास के दावों पर सवाल
यह घटना सिर्फ एक शादी का हिस्सा नहीं, बल्कि गांव की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को उजागर करती है। जहां एक तरफ शादियों में गाड़ियों की लंबी कतारें और भव्य आयोजन देखने को मिलते हैं, वहीं इस गांव में सड़क न होने की वजह से लोग आज भी मजबूरी में ऐसे हालात से गुजरने को मजबूर हैं।
10 साल से अधूरी सड़क योजना
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले लगभग 10 वर्षों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस इलाके में सड़क निर्माण की बात चल रही है, लेकिन काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। आरोप है कि संवेदक की लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी के कारण योजना कागजों तक ही सीमित रह गई।
ग्रामीणों में नाराजगी
इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब शादी जैसे महत्वपूर्ण मौके पर भी सही रास्ता नहीं मिल पा रहा, तो आम दिनों में स्थिति और भी खराब रहती है।
यह तस्वीर एक बार फिर ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


