- इंसाफ की गुहार: सहरसा में दहेज लोभियों ने ली नवविवाहिता की जान; 7 महीने बीतने के बाद भी खाली हाथ है पुलिस, पिता लगा रहे न्याय की गुहार।
- गंभीर आरोप: मृतका के पिता श्याम ठाकुर ने ससुराल वालों पर लगाया जिंदा मार देने का आरोप; बेटी को लगातार किया जा रहा था प्रताड़ित।
- भरोसा: एसपी हिमांशु कुमार से मिला आश्वासन; अब तक 7 बार एसपी ऑफिस जा चुके हैं पीड़ित पिता, हर बार मिली सिर्फ तसल्ली।
द वॉयस ऑफ बिहार (सहरसा/ब्यूरो)
बिहार में दहेज (Dowry) का दानव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सहरसा (Saharsa) जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र (Sonbarsa Kachhari Police Station) का है, जहां एक पिता अपनी बेटी के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए पिछले 7 महीनों से दर-दर की ठोकरें खा रहा है। हरिपुर वार्ड नंबर 12 (Haripur Ward 12) के रहने वाले श्याम ठाकुर (Shyam Thakur) की बेटी आंचल कुमारी (Aanchal Kumari) अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका परिवार आज भी न्याय की आस में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रहा है।
ससुराल वालों ने छीन ली जिंदगी
मृतका आंचल कुमारी की शादी अमरपुर (Amarpur) गांव निवासी मिथलेश ठाकुर (Mithlesh Thakur) के साथ हुई थी।
- आरोप: पिता श्याम ठाकुर का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
- हत्या: आरोप है कि इसी लालच में करीब सात महीने पहले ससुराल वालों ने आंचल की बेरहमी से हत्या कर दी। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को जिंदा मार दिया गया।
7 महीने, 7 चक्कर और सिर्फ आश्वासन
एक पिता के लिए इससे बड़ी बेबसी क्या होगी कि बेटी का शव उठने के बाद अब उसे इंसाफ के लिए भी गिड़गिड़ाना पड़ रहा है।
- लापरवाही: श्याम ठाकुर का कहना है कि घटना को 7 महीने बीत चुके हैं। वे अब तक 7 बार पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय जाकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला।
- कार्यवाई की आस: अब एक बार फिर सहरसा एसपी हिमांशु कुमार (SP Himanshu Kumar) ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार और मायके पक्ष में पुलिस की सुस्त कार्यशैली को लेकर गहरा आक्रोश है।
न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है।


