
न्यूज डायरी: खिलौना समझकर ‘मौत’ से खेल रहा था पिता; मासूम बेटी बनी शिकार
- हृदयविदारक घटना: सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र में एक पिता की घोर लापरवाही ने उसकी अपनी ही चार वर्षीय मासूम बेटी की जान जोखिम में डाल दी है।
- वारदात का कारण: घर में छिपाकर रखे गए अवैध तमंचे के साथ पिता विकास कुमार ‘छेड़छाड़’ कर रहा था, इसी दौरान ट्रिगर दब गया और गोली सीधे सामने खड़ी बेटी को जा लगी।
- घायल मासूम: 4 साल की संजना कुमारी गंभीर रूप से जख्मी है और अस्पताल में जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
- दोस्त का ‘खतरनाक’ सामान: शुरुआती जांच में पता चला है कि यह तमंचा विकास का नहीं था, बल्कि उसके एक दोस्त ने ‘सेफ कस्टडी’ के नाम पर उसके घर में छिपाकर रखा था।
- पुलिस की दबिश: सौरबाजार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
- VOB इनसाइट: यह घटना बिहार के ग्रामीण इलाकों में पैर पसारते ‘अवैध हथियार संस्कृति’ और घरेलू लापरवाही का एक भयावह चेहरा पेश करती है। जब घर के भीतर बच्चों के हाथ में खिलौने होने चाहिए, वहां अवैध असलहे रखे जा रहे हैं। एक पिता का अपनी बेटी के सामने ही हथियार से खेलना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह एक बड़ा आपराधिक कृत्य भी है। सौरबाजार की इस घटना ने सहरसा पुलिस के ‘शस्त्र नियंत्रण’ अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर गांवों में इतनी आसानी से तमंचे कैसे पहुँच रहे हैं और लोग इसे आम बात समझकर घरों में क्यों रख रहे हैं।
सौरबाजार (सहरसा) | 30 मार्च, 2026
कोसी की धरती सहरसा से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवता और ममता के साथ-साथ पिता के दायित्व को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सौरबाजार थाना क्षेत्र के नादो पंचायत स्थित मधुरा गांव में रविवार की सुबह वह हुआ, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। एक पिता, जो अपनी बेटी का रक्षक होना चाहिए था, अपनी ही नादानी और अवैध हथियारों के शौक के कारण भक्षक की भूमिका में नजर आया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 4 साल की मासूम संजना को क्या पता था कि जिस पिता का हाथ वह थामती है, वही हाथ उसके सीने में गोली उतार देंगे।
रविवार की वो मनहूस सुबह: मधुरा गांव में चीख-पुकार
रविवार की सुबह मधुरा गांव में आम दिनों की तरह ही शांति थी। विकास कुमार अपने घर में मौजूद था। पुलिस की तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। विकास के घर में एक अवैध तमंचा रखा हुआ था। बताया जा रहा है कि यह तमंचा विकास के किसी दोस्त ने कुछ दिनों के लिए वहां छिपाकर रखा था। विकास, जिसे शायद हथियार चलाने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था या जो महज जिज्ञासावश उस ‘लोहे की मौत’ को करीब से देखना चाहता था, उसने तमंचे को हाथ में लिया।
वह उसके पुर्जों के साथ छेड़खानी कर रहा था। उसी समय संजना कुमारी अपनी तोतली आवाज में शायद पिता से बात करने या उसके पास खेलने के लिए आई होगी। विकास तमंचे को घुमा ही रहा था कि अचानक गोली चल गई। तेज धमाके के साथ पूरा घर धुएं से भर गया और मासूम संजना जमीन पर गिर पड़ी। गोली सीधे उसके शरीर के संवेदनशील हिस्से में लगी थी।
दोस्त का गुनाह, पिता की लापरवाही: अवैध हथियारों का जंजाल
सौरबाजार पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, विकास कुमार ने स्वीकार किया है कि हथियार उसका नहीं था। उसके एक दोस्त ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे कुछ समय के लिए रखने को दिया था। यह बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की एक बड़ी समस्या है—जहाँ लोग दोस्ती निभाने के चक्कर में अवैध हथियारों को पनाह देते हैं।
घटना के प्रमुख पहलू:
- सुरक्षा में सेंध: घर में जहाँ छोटे बच्चे हों, वहां हथियार को इस तरह रखना कि वह किसी की भी पहुँच में हो, एक अक्षम्य अपराध है।
- हथियार की जांच: विकास आखिर क्यों उस तमंचे से छेड़छाड़ कर रहा था? क्या वह उसे लोड कर रहा था या केवल उसका मैकेनिकल सिस्टम समझ रहा था?
- दोस्त की भूमिका: वह कौन सा दोस्त था जिसने यह तमंचा दिया? क्या उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड है? पुलिस अब उस ‘तीसरे शख्स’ की तलाश में छापेमारी कर रही है।
संजना की स्थिति: अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग
गोली लगने के तुरंत बाद गांव में हड़कंप मच गया। खून से लथपथ संजना को लेकर परिजन आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुँचे, जहाँ से उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। गोली ने शरीर के आंतरिक अंगों को काफी नुकसान पहुँचाया है। संजना के लिए अगले 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। पूरा मधुरा गांव इस समय उस मासूम के लिए दुआएं मांग रहा है।


