MGNREGA और जीविका के समन्वय से सशक्त होंगे ग्रामीण हाट, महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

पटना, 19 अगस्त।बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में सोमवार को “MGNREGA एवं जीविका दीदी हाट कन्वर्जेन्स” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता MGNREGA कमिश्नर सह अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, आईएएस श्रीमती अभिलाषा कुमारी शर्मा ने की। इसमें INFUSION (Microsave Consulting, ISB) के प्रतिनिधियों के साथ जीविका और MGNREGA विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और पोषण-सुरक्षित बाजार तंत्र को बढ़ावा देना था। इस दौरान चर्चा हुई कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत विभिन्न जिलों में निर्मित ग्रामीण हाटों को किस तरह ‘जीविका दीदी हाट’ के रूप में विकसित किया जा सकता है।

ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा बड़ा अवसर

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण हाटों को SHG (स्वयं सहायता समूह) आधारित महिला उद्यमिता केंद्रों में बदलने की योजना है। इसके लिए हाटों को शेड, पेयजल, स्वच्छता, स्टॉल और बैठने की सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इन हाटों का संचालन जीविका से जुड़ी महिलाएं करेंगी। उन्हें इसके लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास, ब्रांडिंग और उद्यम प्रबंधन में सहयोग भी दिया जाएगा।

जीविका दीदी हाट की खासियत

‘जीविका दीदी हाट’ पहल से

  • महिलाएं सीधे उपभोक्ताओं तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगी।
  • बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उन्हें बेहतर दाम मिलेगा।
  • ग्रामीण उपभोक्ताओं को ताजे, स्थानीय और जैविक उत्पाद सुलभ दाम पर उपलब्ध होंगे।
  • यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगा।

अधिकारियों के बयान

अधिकारियों ने कहा कि यह मॉडल केवल बाजार स्वरूप नहीं बदलेगा बल्कि एक सतत जीविकोपार्जन व्यवस्था बनेगा।
श्रीमती अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कहा –
“इस पहल से MGNREGA और जीविका कार्यक्रमों के बीच प्रभावी समन्वय होगा। हाटों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से और मजबूत बनेंगी।”

आगे की कार्ययोजना

बैठक में संभावित स्थलों की प्राथमिक सूची तैयार करने, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ जिलों में काम शुरू करने और एक समन्वय समिति के गठन का निर्णय लिया गया। यह समिति समयबद्ध तरीके से पहल को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी निभाएगी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल ‘सशक्त महिला, समृद्ध गांव’ की अवधारणा को मूर्त रूप देगी। ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का उपयोग और सामुदायिक स्वामित्व इसे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में भी सहायक बनाएगा।


 

WhatsApp Channel VOB का चैनल JOIN करें
  • Related Posts

    भागलपुर : कदवा में अपहरण–फिरौती केस का त्वरित खुलासा! कुछ ही घंटों में दोनों अपहृत सुरक्षित बरामद, पुलिस की बड़ी सफलता

    Continue reading