बिहार के गयाजी रेलवे जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ की टीम ने ऑपरेशन विलेप के तहत 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस से 76 जीवित कछुए बरामद किए हैं। रेल पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए संरक्षित कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 38 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
नेताजी एक्सप्रेस की जनरल बोगी से बरामद हुए कछुए
आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव ने बताया कि सोमवार सुबह गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन की जनरल बोगी से चार बैग और एक झोला संदिग्ध हालत में बरामद किया गया।
बैग खोलते ही सामने आई वन्यजीव तस्करी
जब आरपीएफ टीम ने सभी बैग और झोले को खोलकर देखा, तो उसके अंदर कुल 76 जीवित कछुए पाए गए। ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया। इसके बाद आरपीएफ ने सभी बैग और कछुओं को जब्त कर आरपीएफ पोस्ट लाया।
आरपीएफ निरीक्षक बनारसी यादव ने बताया,
“ट्रेन में पूछताछ के दौरान किसी भी यात्री ने बैग पर दावा नहीं किया। कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति में आते हैं, इसलिए पूरे मामले की सूचना वन विभाग को दी गई।”
वन विभाग को सौंपे गए सभी कछुए
मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची। रेंज अधिकारी आरती कुमारी के प्रतिनिधि सहायक उप निरीक्षक वशिष्ठ नारायण ने जांच के बाद सभी कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कछुओं को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
38 लाख रुपये की बताई जा रही कीमत
अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी कछुए संरक्षित प्रजाति के हैं और इन्हें अवैध तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपये बताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है।
क्या है RPF का ऑपरेशन विलेप
आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन विलेप देशभर में चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य रेलवे के माध्यम से होने वाली वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाना है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सघन जांच की जा रही है, जिसमें अब तक कई संरक्षित वन्यजीवों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है।


