
रोहतास जिले में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। बिक्रमगंज-डेहरी मुख्य सड़क मार्ग पर नासरीगंज थाना क्षेत्र के इतिम्हा गांव के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में बस सवार एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक यात्री बस औरंगाबाद जिले के मौरई गांव से तिलक समारोह में शामिल होकर भोजपुर जिले के जगदीशपुर लौट रही थी। बस में कई लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। इसी दौरान नासरीगंज के पास सामने से आ रहे एक खाली ट्रक से बस की जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे और टक्कर इतनी जोरदार थी कि जोरदार आवाज के साथ दोनों वाहन सड़क पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे में बस में सवार रामेश्वर मिश्रा नामक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों में ट्रक चालक चंद्र प्रकाश यादव और उसका खलासी भोला कुमार भी शामिल हैं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और उन्हें तत्काल इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस के अनुसार, ट्रक चालक चंद्र प्रकाश यादव उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बसवारी गांव का निवासी है, जबकि खलासी भोला कुमार गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ आक्रोशित बस यात्रियों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट भी कर दी।
ट्रक चालक चंद्र प्रकाश यादव ने घटना के बारे में बताया कि वह पटना की ओर से आ रहा था और अचानक बस चालक ने सामने से उसके ट्रक में टक्कर मार दी। उसने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसका पैर स्टेयरिंग में फंस गया और उसे गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। मृतक के शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन हो रहे सड़क हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहन चलाते समय सतर्कता बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और लापरवाही जैसे कारण ही अधिकतर दुर्घटनाओं के पीछे होते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, सड़क पर सुरक्षा संकेतों और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की आवश्यकता जताई गई है।
परिजनों के लिए यह हादसा एक गहरा सदमा लेकर आया है। जिस परिवार के सदस्य तिलक समारोह में शामिल होकर खुशियां लेकर लौट रहे थे, उनके घर में मातम छा गया। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।
कुल मिलाकर, रोहतास का यह सड़क हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ले गया, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। प्रशासन और आम लोगों, दोनों को मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


