रोहतास/डेहरी | बिहार पुलिस ने चालक भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान एक बड़े जालसाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। डेहरी के D.A.V. स्कूल कटार स्थित परीक्षा केंद्र पर नकली मजिस्ट्रेट बनकर पहुंचे एक व्यक्ति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने और OMR शीट भरने की कोशिश कर रहा था।
नकली मजिस्ट्रेट बनकर केंद्र में घुसा आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी अशोक कुमार सिंह खुद को पटना सचिवालय का वरीय कोषागार पदाधिकारी बताकर परीक्षा केंद्र में निरीक्षण के नाम पर घुस गया। वह केंद्र में काफी देर तक घूमता रहा और इसी दौरान उसने चिन्हित अभ्यर्थी विकास कुमार को बाहर बुलाकर अपने साथ ले गया।
स्कॉर्पियो में पहले से मौजूद थे दो सॉल्वर
अशोक सिंह जिस स्कॉर्पियो से परीक्षा केंद्र आया था, उसमें पहले से ही दो सॉल्वर मौजूद थे। बाहर ले जाकर आरोपी ने विकास कुमार की OMR शीट गाड़ी में बैठकर भर दी और फिर उसे दोबारा परीक्षा कक्ष में भेज दिया।
केंद्र में मौजूद पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेट को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और तुरंत पूछताछ शुरू की गई।
पूरी साजिश का हुआ खुलासा
जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो पर रोहतास जिला प्रशासन का फर्जी नेम प्लेट लगा था। साथ ही आरोपी ने परीक्षा से एक दिन पहले ही केंद्र की रेकी की थी।
इंद्रपुरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अशोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वह पटना के महेंद्रु घाट स्थित एक कोचिंग में शिक्षक बताया जा रहा है।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
- अशोक कुमार सिंह – नकली मजिस्ट्रेट, मास्टरमाइंड
- विकास कुमार – अभ्यर्थी (जहानाबाद, घोसी)
- संतोष कुमार – स्कॉर्पियो में मौजूद सॉल्वर
- ललित कुमार – वाहन चालक
एएसपी ने दी जानकारी
डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र और नकली प्रशासनिक नेम प्लेट का उपयोग किया था। प्रशासन की सतर्कता से यह पूरा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


