पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र में पेश किए गए राज्य बजट को लेकर विपक्ष का हमला तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने बजट को “घिसा-पिटा” करार देते हुए कहा कि इसमें कोई नई सोच या नई योजना नजर नहीं आती, बल्कि पुरानी घोषणाओं को ही दोहराया गया है।
सदन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार ने जो बजट दस्तावेज तैयार किया, वही राज्यपाल के अभिभाषण में पढ़ दिया गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि बजट में कोई ठोस नई पहल शामिल नहीं है और यह केवल औपचारिकता निभाने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का जमीनी असर कहीं दिखाई नहीं देता। सरकार विकास के बड़े दावे कर रही है, लेकिन गांव, किसान, युवा और बेरोजगारों के लिए स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया है।
राजद विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार बजट पर उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं देती है तो विपक्ष सदन में कड़ा विरोध करेगा। जरूरत पड़ी तो वॉकआउट भी किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यसूची में शामिल प्रस्तावों पर गंभीर और विस्तृत बहस होनी चाहिए, ताकि बजट की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके। विपक्ष सरकार से बिंदुवार जवाब की अपेक्षा कर रहा है और बहस के दौरान उसे कठघरे में खड़ा करेगा।


