
भागलपुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन रविवार को भव्य तरीके से किया गया। हबीबपुर स्थित पार्टी के प्रधान कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय की विचारधारा और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। कार्यक्रम में राजद के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के 30 वर्षों के राजनीतिक सफर, संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की।
स्थापना दिवस समारोह का आयोजन जिला राष्ट्रीय जनता दल, भागलपुर के बैनर तले किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के झंडोत्तोलन से हुई। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारत सरकार के पूर्व मंत्री और बांका संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद ने पार्टी का झंडा फहराया। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन जताया और स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में जयप्रकाश नारायण यादव ने राजद के गठन से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं को याद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना 5 जुलाई 1997 को दिल्ली स्थित बिहार निवास में हुई थी। उन्होंने बताया कि पार्टी की स्थापना ऐसे समय में हुई थी जब सामाजिक न्याय, भाईचारा और धर्मनिरपेक्ष राजनीति को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और उन्होंने इस राजनीतिक यात्रा को बहुत करीब से देखा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना के नेतृत्व में हुई और इसका मूल उद्देश्य समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूत करना था। उनके अनुसार राजद ने अपने शुरुआती दिनों से ही सामाजिक न्याय, मोहब्बत, भाईचारा और धर्मनिरपेक्षता को अपनी राजनीतिक विचारधारा का केंद्र बनाया। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक माहौल और अनेक चुनौतियों के बावजूद पार्टी लगातार अपने मूल सिद्धांतों पर कायम है।
जयप्रकाश यादव ने कहा कि भले आज विधानसभा और संसद में पार्टी की सीटों की संख्या पहले जैसी न हो, लेकिन जनता के मुद्दों को उठाने में राजद की भूमिका अब भी बेहद मजबूत है। उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार के करोड़ों लोगों की आवाज बनकर उनके दुख-दर्द और संघर्ष में साथ खड़ी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करना होगा ताकि संगठन और मजबूत बने।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाला समय बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। ऐसे में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी का लक्ष्य युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाना है और आने वाले समय में नेता प्रतिपक्ष को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना संगठन का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाथनगर विधानसभा से राजद के पूर्व प्रत्याशी शेख जियाउल हसन ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने पिछले तीन दशकों में कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि अनेक साजिशों और राजनीतिक दबावों के बावजूद पार्टी ने अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता से कभी समझौता नहीं किया। उनके अनुसार यह किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होता कि लगातार विरोध और चुनौतियों के बावजूद अपने मूल सिद्धांतों पर अडिग रहा जाए।
उन्होंने कहा कि राजद ने हमेशा समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष राजनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव को भारतीय राजनीति में जननेता की एक मजबूत मिसाल बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और राजनीतिक सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
पीरपैंती के पूर्व विधायक रामविलास पासवान ने भी समारोह में पार्टी के 30 वर्षों की यात्रा पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह पूरे संगठन के लिए गर्व का क्षण है कि एक क्षेत्रीय दल होने के बावजूद राजद ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि पार्टी का जनाधार आज भी मजबूत है और कार्यकर्ताओं की मेहनत से संगठन लगातार आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव ने संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर संगठन को और सक्रिय करने की जरूरत है। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
स्थापना दिवस समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। इनमें पूर्व बाल श्रमिक आयोग अध्यक्ष डॉ. चक्रपाणि हिमांशु, सुल्तानगंज के पूर्व प्रत्याशी चंदन सिंह, कहलगांव के पूर्व प्रत्याशी रजनीश यादव, पूर्व विधायक फनिंद्र चौधरी, असजद अली सिद्दीकी, पूनम झा, अलख निरंजन पासवान, डॉ. योगेंद्र यादव समेत अनेक नेता शामिल रहे। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समारोह में मौजूद नेताओं ने एक स्वर में कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव संगठन के लिए निर्णायक होंगे। इसके लिए अभी से रणनीति बनाकर जमीनी तैयारी शुरू करनी होगी। नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों—रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय—को मजबूती से उठाना ही पार्टी की प्राथमिकता रहेगी।
हबीबपुर स्थित कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम केवल स्थापना दिवस का औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसे आगामी राजनीतिक संघर्ष की तैयारी के रूप में भी देखा गया। हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि भागलपुर में राजद अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थापना दिवस समारोह के जरिए राजद ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी बिहार की राजनीति में अब भी एक मजबूत शक्ति है। संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व के प्रति विश्वास के साथ राजद आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करता दिखाई दे रहा है।


