भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गरमाई सियासत, बिलौटी गांव पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी ने उठाए बड़े सवाल

भोजपुर जिले से जुड़े भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। यह मामला पिछले कई दिनों से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और अब इसमें राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और जेडीयू के प्रमुख नेताओं में शामिल ने भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचकर मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाते हुए साफ कहा कि यह एनकाउंटर गलत था।

अशोक चौधरी का बिलौटी गांव पहुंचना कई मायनों में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेडीयू की ओर से पहली बार कोई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता सीधे पीड़ित परिवार के बीच पहुंचा है। इससे पहले भी इस मामले को लेकर सक्रिय नजर आए थे और घटनास्थल से जुड़े पक्षों की बात सुनी थी। अब अशोक चौधरी की यात्रा ने इस मामले को और ज्यादा राजनीतिक केंद्र में ला दिया है।

बिहार की राजनीति में अशोक चौधरी को मुख्यमंत्री का करीबी नेता माना जाता है। ऐसे में उनका बयान सिर्फ व्यक्तिगत राय नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर उठ रही बेचैनी का संकेत भी माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी मौजूदा मंत्री द्वारा अपनी ही सरकार के तहत हुई पुलिस कार्रवाई पर खुलकर सवाल उठाना साधारण बात नहीं है।

बिलौटी गांव पहुंचने के बाद मंत्री ने सबसे पहले भरत तिवारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी विस्तार से ली। परिजनों ने मंत्री के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि उन्हें अब भी न्याय का इंतजार है। परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी के साथ जो हुआ, वह एक सुनियोजित कार्रवाई थी और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मुलाकात के दौरान माहौल भावुक बना रहा। परिवार के कई सदस्य मंत्री से बात करते हुए भावुक हो गए। अशोक चौधरी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देखेगी और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को किसी तरह अकेला महसूस करने की जरूरत नहीं है।

मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक चौधरी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर गलत था और वह इस बात को पहले भी कई बार कह चुके हैं। उनके इस बयान ने प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक कैबिनेट मंत्री द्वारा पुलिस कार्रवाई पर इतनी स्पष्ट टिप्पणी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मंत्री के बयान के बाद विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि जब सरकार के अपने मंत्री ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना और भी जरूरी हो जाता है। विपक्ष ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग दोहराई है।

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर शुरुआत से ही कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों का दावा है कि घटना की परिस्थितियां पुलिस के आधिकारिक बयान से मेल नहीं खातीं। इसी वजह से मामले ने सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा रूप ले लिया है। गांव में अब भी लोगों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर असर डाल सकता है। कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पहले ही विपक्ष के निशाने पर रही है। ऐसे में भरत तिवारी एनकाउंटर पर सत्ता पक्ष के भीतर से उठती आवाजें सरकार के लिए नई चुनौती बन सकती हैं।

अशोक चौधरी की यह यात्रा केवल एक सांत्वना मुलाकात भर नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। उनके बयान से यह संकेत मिला है कि सरकार के भीतर भी कुछ लोग इस कार्रवाई को लेकर असहज हैं और जवाबदेही तय करने के पक्ष में हैं।

भोजपुर पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बीच अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। क्या इस मामले में उच्चस्तरीय जांच होगी, क्या संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा, और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा—इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।

फिलहाल इतना तय है कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा। अशोक चौधरी के बयान ने इस पूरे विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच अब यही चर्चा है कि इस मामले में सच्चाई आखिर कब सामने आएगी और न्याय की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी। बिहार की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक गर्मा सकता है।

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