
भागलपुर | 22 जुलाई 2025: गंगा नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि गंगा के किनारे स्थित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी टीमों की तैनाती कर दी गई है, और संभावित खतरे से निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी
प्रशासन की ओर से सुल्तानगंज, राघोपुर, इस्माईलपुर, बिंदटोली और बुद्धुचक जैसे कटाव और जलस्राव संभावित क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इन इलाकों में बने स्पर (spur) पर फ्लड फाइटिंग के लिए इंजीनियरिंग टीमें लगातार सक्रिय हैं।
बांधों और तटबंधों की स्थिति पर नजर
डीएम ने बताया कि बांध, तटबंध और पुराने कटाव वाले क्षेत्रों की लगातार भौतिक मॉनिटरिंग की जा रही है। सेंट्रल वॉटर कमीशन की रिपोर्ट पर प्रशासन की सतत नजर बनी हुई है, जिससे गंगा और नेपाल से आने वाली अन्य नदियों के प्रवाह की जानकारी मिल रही है।
खतरे की सीमा पार होते ही NDRF की तैनाती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाएगा, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ सरकारी नावों की तैनाती कर दी जाएगी। स्थानीय प्रशासन को सभी आवश्यक संसाधनों से लैस किया जा रहा है।
जागरूकता और राहत की तैयारियां
प्रशासन द्वारा तटीय गांवों के लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। राहत केंद्रों की तैयारी, पशुचारा और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सके।


