पटना, 24 जुलाई – बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव इस कदर बढ़ गया कि सदन में मारपीट जैसे हालात बन गए। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही शाम 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
तेजस्वी यादव के बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “बिहार देश में पेपर लीक में पहले स्थान पर है।” इस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पलटवार किया, “तुम खुद अपराधी हो, लुटेरे हो।”
जनक सिंह और तेजस्वी के बीच तीखी बहस
विवाद उस समय और तीव्र हो गया जब भाजपा विधायक जनक सिंह ने तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए तीखे शब्द कहे। तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा, “ज्यादा जोर से बोलेगा तो गीला हो जाएगा।” इसके जवाब में जनक सिंह ने कहा, “हमने तुम्हारे बाप के साथ काम किया है।”
इस टिप्पणी के बाद राजद विधायक विजय सम्राट, सत्येंद्र यादव (माले) और मुकेश रोशन अपनी सीट से उठकर जनक सिंह की ओर तेजी से बढ़े। स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई और मारपीट की नौबत आ गई।
मार्शल ने रोका टकराव, कार्रवाई स्थगित
विपक्ष के विधायकों के आक्रामक रुख को देखते हुए भाजपा विधायक संजय सिंह भी सत्ता पक्ष से उठकर विपक्ष की ओर दौड़े। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा के मार्शल तत्काल मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग किया।
स्थिति गंभीर होती देख विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कार्यवाही 4 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बावजूद दोनों पक्षों के विधायकों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।
पेपर लीक का मुद्दा
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में बिहार में हाल के प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाएं हैं, जिस पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है।
इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। आवश्यक है कि सदन में वाद-विवाद मर्यादित भाषा और आचरण के साथ हो, ताकि जनहित के मुद्दों पर ठोस चर्चा संभव हो सके।


