
पटना/बेगूसराय, 14 मार्च 2026 — बिहार में चल रही समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने शनिवार को बेगूसराय जिले में विभिन्न विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बियाडा प्रांगण में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बेगूसराय के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रगति यात्रा के तहत स्वीकृत योजनाओं, सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 के अंतर्गत चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसके अलावा जिले में जारी अन्य विकास कार्यों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं को प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द उसका लाभ मिल सके। उन्होंने सात निश्चय-2 के तहत चल रही योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू करने और सात निश्चय-3 के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रमों पर शीघ्र काम शुरू करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के बाद राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सात निश्चय-3 कार्यक्रम लागू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत सात प्रमुख संकल्प निर्धारित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बिहार को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 के सातवें संकल्प “सबका सम्मान – जीवन आसान” (Ease of Living) का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को कम करना और उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं को समय पर और सही तरीके से लागू किया जाए तो बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। हर जिले में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य में स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके माध्यम से युवा अपने नए व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री , जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार सहित कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जिले के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्यों की रूपरेखा से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके, इसके लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।


