
बेगूसराय/पटना, 14 मार्च — समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री शनिवार को बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने बियाडा प्रांगण में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों, चल रही योजनाओं और आने वाले वर्षों की विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद बिहार में कानून व्यवस्था और विकास को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि उससे पहले राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति काफी खराब थी, लोग शाम के बाद घर से निकलने से डरते थे और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहद कमजोर थीं। सरकार बनने के बाद इन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार के लिए लगातार काम किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षक नियुक्ति और स्कूलों के विस्तार का काम किया। हाल के वर्षों में बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए गए हैं। पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बेहद कम होती थी, लेकिन अब वहां प्रतिमाह हजारों लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण पर तेजी से काम चल रहा है।
आधारभूत संरचना और कृषि क्षेत्र में प्रगति
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सड़कों, पुलों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है। अब बिहार के दूरदराज के इलाकों से पटना तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि रोडमैप के तहत अनाज, फल, सब्जी, दूध और मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे किसानों की आय में भी सुधार हुआ है।
रोजगार और युवाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टार्टअप नीति लागू की गई है और उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को कई प्रकार की सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा पुलिस और सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने जीविका स्वयं सहायता समूहों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज लाखों महिलाएं इन समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार द्वारा महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सात निश्चय और सात निश्चय-3 योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के लिए सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। अब सात निश्चय-3 के तहत अगले पांच वर्षों में राज्य के विकास को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत रोजगार के अवसर बढ़ाने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा सौर ऊर्जा, पर्यटन विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार और नए शहरों के विकास जैसे क्षेत्रों में भी काम किया जाएगा।
बेगूसराय जिले के विकास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेगूसराय जिले में भी पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। जिले में सड़क, पुल और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से आवागमन में काफी सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि बेगूसराय में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी कई योजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में बेगूसराय में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही डेयरी, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जन संवाद कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में विकास की गति और तेज होगी और बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।


