
भागलपुर। 3 जून 2025 — भागलपुर के समीक्षा भवन में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में विभागीय लंबित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों की प्रगति, समस्याएं और समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
स्मार्ट मीटर लक्ष्य में लापरवाही पर सख्ती
बैठक में सर्वप्रथम बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने के निर्धारित लक्ष्य की समीक्षा की गई। बताया गया कि बीपीएल परिवारों को छोड़कर अन्य उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाया जाना है, परंतु अब तक लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम मीटर लगाए गए हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्यपालक अभियंता विद्युत को अतिरिक्त मानव बल लगाकर लक्ष्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर नहीं लगवाते हैं, उनका कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाए।
लंबित बिजली कनेक्शन और बकाया बिल का भुगतान शीघ्र करने का निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि 404 बिजली कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई भी आवेदन एक माह से अधिक लंबित न रखा जाए।
साथ ही सभी विभागों को अपने बकाया बिजली बिल का शीघ्र भुगतान करने का निर्देश भी दिया गया।
एनएच-80 और सड़क मरम्मती कार्यों की प्रगति की समीक्षा
एनएच-80 के घोरघट से दोगच्छी तक के सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा में बताया गया कि 87% कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य 31 जुलाई 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने इसे जून माह के अंत तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।
साथ ही पथ प्रमंडल द्वारा 29 ए और 29 बी के तहत संचालित सड़क मरम्मती योजनाओं की निगरानी और प्रगति की जानकारी ली गई।
महिला संवाद और ग्राम पंचायत भवनों की स्थिति का लिया गया जायजा
बैठक में महिला संवाद एवं डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा अभियान के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
पंचायत सरकार भवनों की प्रखंड और पंचायतवार स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया।
ग्राम कचहरी मामलों के निपटारे पर विशेष जोर
ग्राम कचहरी में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में 472 दीवानी और 315 फौजदारी मामले दर्ज हैं, जिनमें अब तक 85 दीवानी और 47 फौजदारी मामलों का निष्पादन हुआ है।
इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे ग्राम कचहरी सचिवों से स्पष्टीकरण लेने और वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया, जिनके यहां निष्पादन नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि ग्राम स्तर पर ही दीवानी मामले निष्पादित कर दिए जाएं, तो फौजदारी मामलों की संख्या में भी कमी आएगी। ग्राम कचहरी के आदेश निचली अदालत माने जाते हैं और इनका प्रभाव व्यवहार न्यायालय तक होता है।
बैठक में अनेक अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त, संयुक्त निदेशक जन संपर्क, डीआरडीए निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


