
गया। बिहार के गया जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां रिटायर्ड डीएसपी यूनुस खान की सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार देर रात गया से पटना जाने के दौरान पटना-गया हाईवे पर उनकी कार की एक ईंट लदे ट्रैक्टर से जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में यूनुस खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ कार में मौजूद भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिवार और पुलिस महकमे में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय यूनुस खान गया शहर के व्हाइट हाउस कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। वे मूल रूप से औरंगाबाद जिले के पीरू-बनकारा गांव के निवासी थे, लेकिन कई वर्षों से गया में स्थायी रूप से रह रहे थे। बिहार पुलिस में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वे पटना में डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस विभाग में उनकी पहचान एक अनुशासित और अनुभवी अधिकारी के रूप में थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार की रात यूनुस खान अपने भतीजे अतीक रहमान के साथ कार से गया से पटना जा रहे थे। यात्रा के दौरान पटना जिले के मसौढ़ी इलाके में स्थित नदवां ओपी क्षेत्र के नीमा गांव के पास अचानक उनकी कार एक ईंट लदे ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गंभीर हालत में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने यूनुस खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके भतीजे अतीक रहमान का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और हाईवे पर अचानक सामने आए वाहन को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रैक्टर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
घटना की खबर मिलते ही यूनुस खान के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और परिचित अस्पताल पहुंचने लगे। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव गया स्थित आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस विभाग से जुड़े कई अधिकारी और स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
परिजनों के अनुसार यूनुस खान का अंतिम संस्कार और मिट्टी मंजिल शहर के करीमगंज कब्रिस्तान में किया जाएगा। उनके चार बेटे हैं, जो दिल्ली और बेंगलुरु में रहते हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद सभी बेटे और अन्य रिश्तेदार गया पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यूनुस खान बेहद मिलनसार और सम्मानित व्यक्ति थे। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी और लोग उन्हें एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जानते थे।
पुलिस विभाग में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। उनके साथ काम कर चुके कई पुलिस अधिकारियों ने हादसे को बेहद दुखद बताया है। सहयोगियों के अनुसार यूनुस खान ने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और हमेशा अनुशासन व ईमानदारी के लिए पहचाने गए।
जानकारी के अनुसार यूनुस खान लंबे समय तक गया पुलिस लाइन में सार्जेंट के पद पर भी तैनात रहे थे। बाद में उन्हें पदोन्नति मिली और उन्होंने विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य किया। पटना में डीएसपी पद से रिटायर होने के बाद वे परिवार के साथ गया में रह रहे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार के हाईवे पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बन चुके हैं। खासकर रात के समय भारी वाहनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई बार सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहनों की तेज रफ्तार भी बड़े हादसों की वजह बनती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पटना-गया हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों की अनियमित आवाजाही और सड़क सुरक्षा मानकों की कमी के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। उन्होंने सड़क पर निगरानी बढ़ाने और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
यूनुस खान की मौत की खबर से गया शहर में भी शोक की लहर है। उनके जानने वाले लोगों का कहना है कि वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। अचानक हुए इस हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में सामान्य किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड डीएसपी यूनुस खान का इस तरह अचानक दुनिया छोड़ जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पुलिस महकमे और समाज के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके निधन से गया और औरंगाबाद दोनों क्षेत्रों में शोक का माहौल बना हुआ है।


