
मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी सख्त रुख दिखाया है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
केरल में आयोजित ‘सैनिक सम्मान सम्मेलन’ में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने यह सख्त संदेश दिया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र, पाकिस्तान को दिखाई ताकत
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा,
“दुनिया ने देखा कि कैसे भारतीय जवानों ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत की प्रतिक्रिया भविष्य में और भी ज्यादा सख्त हो सकती है।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करता है। उन्होंने पिछले अभियानों का जिक्र करते हुए कहा:
- उरी अटैक के बाद सर्जिकल स्ट्राइक
- पुलवामा अटैक के बाद एयर स्ट्राइक
- पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’
उन्होंने कहा कि भारत ने हर बार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है—चाहे वह सीमा के इस पार हो या उस पार।
‘फॉल्स फ्लैग’ प्रोपेगेंडा पर भी निशाना
पाकिस्तान की ओर से लगाए जा रहे ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ के आरोपों पर भी भारत ने कड़ा जवाब दिया है। पाकिस्तानी मीडिया, खासकर द डॉन, ने दावा किया था कि भारत ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कदम उठा सकता है।
हालांकि, भारतीय विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान खुद अपनी आंतरिक समस्याओं और क्षेत्रीय तनाव से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है।
सऊदी-ईरान समीकरण में फंसा पाकिस्तान
मौजूदा वैश्विक स्थिति में पाकिस्तान की स्थिति भी जटिल बनी हुई है। सऊदी अरब के साथ उसके रक्षा समझौते के चलते, यदि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरता है, तो पाकिस्तान पर भी दबाव बढ़ सकता है।
वहीं, पाकिस्तान के भीतर मौजूद बड़ी शिया आबादी को देखते हुए उसके लिए किसी एक पक्ष में खुलकर खड़ा होना आसान नहीं होगा।


