
पटना/भागलपुर। बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश के प्रमुख औद्योगिक समूह अदाणी ग्रुप ने भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट की थर्मल पावर प्लांट लगाने की सबसे कम बोली लगाई है। इस परियोजना के लिए अदाणी समूह लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश माना जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी बिजली परियोजना के तहत बिहार सरकार अगले 30 वर्षों तक 6.08 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगी। परियोजना का निर्माण कार्य अगले कुछ महीनों में शुरू होने की उम्मीद है, और आगामी पांच वर्षों में इस संयंत्र से बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।
राज्य की ऊर्जा जरूरतों की दिशा में बड़ा कदम
ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने इस परियोजना को बिहार के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा, “पीरपैंती बिजली घर बिहार में निजी निवेश की अब तक की सबसे बड़ी परियोजना होगी। एजेंसी का चयन कर लिया गया है, और अब वह अपने खर्च पर निर्माण कार्य करेगी। सरकार सिर्फ बिजली की खरीद करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से राज्य की दीर्घकालिक बिजली जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी, साथ ही क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और औद्योगीकरण को गति मिलेगी।
शिलान्यास की तैयारी शुरू, स्थानीय लोगों को उम्मीदें
परियोजना को लेकर स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग ने शिलान्यास की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीरपैंती क्षेत्र के लोगों में इस निवेश से रोजगार, अधोसंरचना विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
बिहार में औद्योगिक क्रांति की ओर संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि अदाणी समूह की यह परियोजना न केवल बिजली उत्पादन को मजबूती देगी, बल्कि यह बिहार में औद्योगिक क्रांति की नींव रखने वाला कदम साबित हो सकता है। इससे अन्य निवेशकों को भी बिहार में निवेश के लिए प्रेरणा मिलेगी।


