भागलपुर/पटना। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नवगछिया के जिलाध्यक्ष त्रिपुरारी भारती को पद से हटा दिया है। महज चार महीने पहले ही नियुक्त किए गए त्रिपुरारी भारती की बर्खास्तगी को लेकर जदयू के गलियारों में खलबली मच गई है। उनकी जगह वीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ वीरेन्द्र कुशवाहा को जिले की कमान सौंपी गई है।
भागलपुर के नेताओं में बेचैनी, शिकायतों की लिस्ट लंबी
इस निर्णय ने केवल नवगछिया तक ही सीमित भूचाल नहीं मचाया है, बल्कि भागलपुर के जदयू नेताओं में भी हड़कंप मचा है। सूत्रों के अनुसार, भागलपुर जिले से भी संगठन के शीर्ष नेतृत्व को कई शिकायतें भेजी गई हैं, जिसमें स्थानीय संगठन संचालन पर सवाल उठाए गए हैं। इन शिकायतों के आधार पर अगले कुछ दिनों में और भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
लोकसभा में भी दिखा था असंतोष, अब विधानसभा से पहले तैयारी
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान महानगर इकाई में भी इसी तरह की गुटबाजी सामने आई थी, जिसके कारण संगठन ने कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की थी। अब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। जदयू के प्रदेश नेतृत्व द्वारा यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि जो भी संगठनात्मक रूप से कमजोर या विवादित होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या बोले जिम्मेदार?
जदयू जिलाध्यक्ष बिपिन बिहारी सिंह ने संगठन में किसी प्रकार की कलह से इनकार करते हुए कहा, “जिला संगठन पूरी मजबूती से एकजुट है।” वहीं, संगठन प्रभारी प्रह्लाद सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सांगठनिक मजबूती और बेहतर तालमेल के लिए जो जरूरी है, वही निर्णय लिए जा रहे हैं।”
बढ़ेगा सियासी तापमान?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले जदयू का यह कदम संगठन को अनुशासित करने की कोशिश है, लेकिन यदि यह सिलसिला जारी रहा तो अंदरुनी असंतोष खुलकर सामने आ सकता है। भागलपुर से लेकर पटना तक इस बदलाव के मायने निकाले जा रहे हैं।
