
मालदा, 3 जून 2026। यात्रियों की बढ़ती संख्या और आरक्षित सीटों की मांग को देखते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रांची-गोड्डा-रांची एक्सप्रेस ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला किया है। रेलवे के इस निर्णय से झारखंड और बिहार के हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार अतिरिक्त कोचों के जुड़ने से यात्रियों को अधिक आरक्षित सीटें उपलब्ध होंगी और यात्रा के दौरान होने वाली वेटिंग की समस्या में भी कमी आएगी।
18603/18604 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में जुड़ेंगे चार अतिरिक्त कोच
रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 18603/18604 रांची-गोड्डा-रांची एक्सप्रेस में स्थायी रूप से चार अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे।
इनमें शामिल हैं:
- 3 एसी 3-टियर कोच
- 1 स्लीपर श्रेणी कोच
यह नई व्यवस्था 6 जून 2026 से रांची और 7 जून 2026 से गोड्डा से प्रभावी होगी।
कोच बढ़ने के बाद इस ट्रेन में कुल कोचों की संख्या 17 से बढ़कर 21 हो जाएगी।
18619/18620 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में भी बढ़ेगी क्षमता
इसी प्रकार 18619/18620 रांची-गोड्डा-रांची एक्सप्रेस में भी स्थायी रूप से दो अतिरिक्त एसी 3-टियर कोच जोड़े जाएंगे।
यह व्यवस्था 5 जून 2026 से रांची तथा 6 जून 2026 से गोड्डा से लागू होगी।
कोच वृद्धि के बाद इस ट्रेन में कुल कोचों की संख्या 20 से बढ़कर 22 हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रांची और गोड्डा के बीच चलने वाली इन ट्रेनों में लंबे समय से आरक्षित सीटों की मांग बढ़ रही थी। त्योहारों, छुट्टियों और नियमित यात्रियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
विशेष रूप से एसी 3-टियर और स्लीपर श्रेणी में सीटों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना अधिक होगी।
वेटिंग सूची में आएगी कमी
रेलवे को उम्मीद है कि अतिरिक्त कोचों के जुड़ने के बाद दोनों ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का दबाव कम होगा। इससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और अंतिम समय में टिकट नहीं मिलने की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
रेलवे के इस फैसले का लाभ झारखंड, बिहार और आसपास के क्षेत्रों के उन यात्रियों को मिलेगा जो नियमित रूप से रांची और गोड्डा के बीच यात्रा करते हैं।
रेलवे ने जताई यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की प्रतिबद्धता
मालदा मंडल ने कहा है कि यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने और सुविधाओं में सुधार के कदम उठाए जाते रहेंगे।
रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त कोचों की स्थायी वृद्धि से न केवल सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक और सुविधाजनक भी होगी।


