हलवाई की दुकान पर दर्दनाक हादसा, खौलते तेल में गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत; परिजनों ने कार्रवाई की मांग की

बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। राजाबर चौक स्थित एक हलवाई की दुकान पर हुए हादसे में 11 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। मृतक की पहचान शुभम कुमार के रूप में हुई है। वह सिंटू मंडल का पुत्र बताया जा रहा है और फिलहाल अपने ननिहाल बरकट्ठ में रह रहा था। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों के अनुसार, शुभम अपनी मां के साथ दवा लेने के लिए घर से निकला था। दवा लेने के बाद परिवार के लोगों ने कुछ खाने का फैसला किया। इसके बाद शुभम अपने मामा के साथ राजाबर चौक स्थित अमन साह की हलवाई की दुकान पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान दुकान पर कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला कथित तौर पर मारपीट तक पहुंच गया।

परिजनों के मुताबिक, दुकान पर हुए विवाद के दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई। इसी दौरान इस्तेमाल किए जा रहे छनौटे या झारे से खौलते तेल के छींटे शुभम पर पड़ने की बात सामने आई है। अचानक गर्म तेल के छींटे पड़ने से बच्चा असंतुलित हो गया और वह खौलते तेल से भरी कढ़ाई में जा गिरा। इस घटना के बाद दुकान पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ ही क्षणों में वहां चीख-पुकार मच गई। शुभम के खौलते तेल में गिरने के बाद मौके पर मौजूद लोग कथित तौर पर घबरा गए। परिजनों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद बच्चे को बचाने के लिए होटल संचालक और वहां मौजूद अन्य लोगों की ओर से अपेक्षित मदद नहीं की गई। इस दौरान बच्चे के साथ मौजूद उसके मामा ने हिम्मत दिखाई और अपनी जान की परवाह किए बिना उसे कढ़ाई से बाहर निकालने का प्रयास किया।

हलवाई की दुकान पर दर्दनाक हादसा, खौलते तेल में गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत; परिजनों ने कार्रवाई की मांग की

परिवार के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसे शुभम को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बच्चे की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन शरीर पर गंभीर जलने की चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जैसे ही शुभम की मौत की खबर परिवार और आसपास के लोगों को मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

शुभम की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस बच्चे के साथ परिवार ने भविष्य के कई सपने देखे थे, उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि दवा लेने के लिए घर से निकला शुभम कभी वापस नहीं लौटेगा। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के दौरान यदि समय रहते बच्चे को तत्काल और पर्याप्त सहायता मिलती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि दुकान पर हुए विवाद और उसके बाद बच्चे के साथ हुई दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के दौरान दुकान पर वास्तव में क्या हुआ, विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और खौलते तेल की कढ़ाई तक बच्चा किस परिस्थिति में पहुंचा, इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि हादसे के बाद बच्चे को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हलवाई की दुकानों पर गर्म तेल से भरी बड़ी कढ़ाइयां रखी जाती हैं। ऐसे में वहां विवाद या भीड़ की स्थिति बनने पर गंभीर हादसे का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दुकानदारों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता बताई है।

पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे से ठीक पहले दुकान पर क्या स्थिति थी और वहां मौजूद लोगों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि बच्चे के खौलते तेल की कढ़ाई में गिरने की वास्तविक वजह क्या थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। घटना के समय दुकान पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाकर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। यदि जांच में किसी व्यक्ति की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुकानों में गर्म तेल और अन्य खतरनाक सामान के आसपास ग्राहकों और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे विवाद को बढ़ने से रोकें और किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल मदद करें।

परिवार की ओर से घटना को लेकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। परिजन चाहते हैं कि शुभम की मौत की वास्तविक वजह सामने आए और यदि किसी की लापरवाही या गलती के कारण यह हादसा हुआ है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि उनके बच्चे की मौत केवल एक हादसा बनकर न रह जाए, बल्कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

वहीं, पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए किसी व्यक्ति की लापरवाही जिम्मेदार थी या यह अचानक हुई दुर्घटना थी। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाने में लगी है। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

11 वर्षीय शुभम की मौत से परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग भी सदमे में हैं। एक मासूम बच्चे की इस तरह दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर टिकी है। परिजनों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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