विपक्षी एकता की मीटिंग में राहुल गांधी की अपील, स्टालिन बोले-ये युद्ध का आगाज है, इन मुद्दों पर चर्चा

राजधानी पटना में विपक्षी पार्टियों की पहली बैठक शुक्रवार को खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग में लगभग तीन घंटे चली बैठक में 15 पार्टियों के नेता मौजूद रहे. बैठक में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाने और नीतीश को UPA का संयोजक बनाने पर चर्चा हुई. वहीं विपक्षी दलों की महाबैठक में राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील।

विपक्षी दलों की महाबैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हम सभी को साफ दिल से एकजुट होने की जरूरत है. आमने-सामने बातचीत होनी चाहिए. ऐसा न हो कि दिल में कुछ और हो और जुबां पर कुछ और.वहीं तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि यह फांसीवादी और निरंकुश शासन के खिलाफ युद्ध का आगाज है. कोई आश्चर्य नहीं कि सामाजिक न्याय की इस जमीन से इस फांसीवादी शासन को खत्म करने और एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक भारत के पुनर्जन्म का रास्ता साफ होगा।

विपक्षी दलों की बैठक में शिवसेना उद्धव गुट के नेता उद्धव ठाकरे और एनसीपी नेता शरद पवार ने राहुल गांधी से दिल्ली अध्यादेश के मसले पर अरविंद केजरीवाल का साथ देने की अपील की. इस मीटिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बैठक में मौजूद सभी दलों से अध्यादेश पर साथ मांगा है. इस पर उद्धव ठाकरे समेत कई अन्य दलों ने कांग्रेस से अध्यादेश पर समर्थन देने की अपील की. हालांकि इस दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अरविंद केजरीवाल को असहज कर दिया और धारा 370 पर केजरीवाल का स्टैंड साफ नहीं रहने की बात याद दिलायी।

वहीं खबर ये भी आ रही है कि विपक्षी दलों की महाबैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी दलों का संयोजक चुना गया है. सभी दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से ये फैसला लिया है. विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे नीतीश कुमार के लिए ये बड़ी कामयाबी है. गौरतलब है कि बीजेपी के खिलाफ मजबूत मोर्चेबंदी को लेकर 15 विपक्षी दलों द्वारा ये पहली और बड़ी बैठक हुई है. सीएम नीतीश कुमार के आवास पर हुई इस मीटिंग में शरद पवार, राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

बता दें कि विपक्षी दलों की बैठक में 15 पार्टियों के 22 से ज्यादा नेता शामिल हुए. इस बैठक में JDU, RJD, AAP, DMK, TMC, CPI, CPM, CPI (ML), PDP, नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), सपा, JMM और NCP शामिल हुई. वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के नेता एम के स्टालिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी की नेता ममता बनर्जी, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप नेता अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राघव चड्ढा, संजय सिंह, लेफ्ट से डी राजा, दीपांकर भट्टाचार्य और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती। कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी, NCP से शरद पवार, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, सपा के अखिलेश यादव, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, JMM के हेमंत सोरेन, बिहार से JDU से नीतीश कुमार और RJD के तेजस्वी यादव और लालू यादव मौजूद रहे।

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