पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बड़ा दावा किया। उन्होंने लिखा कि प्रदेश की लगभग 65 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) की शिकार हैं। एनएफएचएस-5 (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण) के आंकड़ों का हवाला देते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार की 63.1 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से जूझ रही हैं।
राबड़ी देवी ने पोस्ट में लिखा— “मां यदि कमजोर होगी तो बच्चे पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। यही कारण है कि तेजस्वी सरकार हमारी माई-बहिनों को 2500 रुपये प्रतिमाह देने जा रही है।”
क्या है एनीमिया?
चिकित्सकों के अनुसार, एनीमिया खून में हीमोग्लोबिन की कमी से होता है। इससे शरीर में कमजोरी, थकान और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसका सीधा असर शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
एनएफएचएस-5 के आंकड़े
- बिहार की 63.1% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित।
- राज्य की 65% से ज्यादा सामान्य महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं।
- राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है बिहार की स्थिति।
तेजस्वी सरकार की योजना
राबड़ी देवी के मुताबिक, महिलाओं को पोषण और आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से बिहार सरकार जल्द ही 2500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना लागू करने जा रही है। हालांकि इस योजना को लेकर अभी तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।


