पूर्णिया में वार्ड सदस्य की बेरहमी से हत्या: घर में घुसकर पीटा, 6 नामजद आरोपी

बिहार के पूर्णिया जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां आपसी रंजिश के चलते एक वार्ड सदस्य की घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

यह सनसनीखेज मामला पूर्णिया जिले के अनगढ़ थाना क्षेत्र के धुसमल गांव का है, जहां 57 वर्षीय मोहम्मद अशफाक अंसारी की निर्मम हत्या कर दी गई। अशफाक अंसारी स्थानीय स्तर पर वार्ड सदस्य के पद पर कार्यरत थे और गांव में उनकी एक पहचान थी। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब कुछ लोग अचानक उनके घर में घुस आए और हमला कर दिया।

परिजनों के अनुसार, हमलावर हथियार और लाठी-डंडों से लैस थे। उन्होंने घर में घुसते ही अशफाक अंसारी पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस हमले की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने अमानवीय तरीके से उन्हें प्रताड़ित किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। खासकर उनकी बेटी सुहाना ने जो आरोप लगाए, उन्होंने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। सुहाना के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल उनके पिता के साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें बेहद क्रूर तरीके से घायल किया। उसने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके पिता की जान चली गई।

इस घटना के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

मृतक की बेटी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गांव के ही छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें नबसीता, अफसर आलम उर्फ मुन्ना, नैमोद्दीन, नाजमिन, खुशनूर, खुशनंती और नफीस शामिल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग इस हत्या से आक्रोशित हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया है।

सामाजिक दृष्टिकोण से भी यह घटना कई सवाल खड़े करती है। एक जनप्रतिनिधि, जो गांव के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जिम्मेदार होता है, उसकी इस तरह हत्या होना बेहद चिंताजनक है। इससे न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ता है बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी बढ़ती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा ही अपराधियों में डर पैदा कर सकती है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर आपसी विवादों को सुलझाने के लिए भी प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी है।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर समाज में बढ़ती हिंसा और आपसी दुश्मनी को कैसे रोका जाए। जब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक इस तरह की घटनाएं समाज को झकझोरती रहेंगी।

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