पूर्णिया के स्कूल में शर्मनाक विलाप: सात साल की मासूम छात्रा को कोल्ड ड्रिंक बताकर कथित रूप से पिलाया पेशाब, केनगर पुलिस ने प्रधानाध्यापक को लिया हिरासत में

केनगर/पूर्णिया, 20 मई 2026। बिहार के पूर्णिया जिले से गुरु और शिष्य के पावन विन्यास को पूरी तरह झकझोरने और इंसानी संवेगात्मक मर्यादाओं को मलबे में तब्दील करने वाला एक अत्यंत विस्मयकारी और घिनौना मामला प्रकाश में आया है। केनगर थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय सिंधिया के भीतर पहली कक्षा में पढ़ने वाली एक सात वर्षीय मासूम छात्रा के साथ स्कूल के ही सर्वेसर्वा यानी प्रधानाध्यापक द्वारा कथित रूप से अमानवीय कृत्य किए जाने का गंभीर प्रक्रम पटल पर आया है।

​आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने मासूम बच्ची को कोल्ड ड्रिंक (ठंडा) का झांसा देकर एक ढक्कन कथित पेशाब जबरन हलक के नीचे उतार दिया। इस शर्मनाक घटना की भनक जैसे ही ग्रामीण अंचलों में फैली, सैकड़ों आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल परिसर की अभेद्य घेराबंदी कर कड़ा हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही केनगर थाने के कप्तानों ने दलबल के साथ स्कूल के मुहाने पर दबिश दी और आरोपी प्रधानाध्यापक को उग्र भीड़ के चंगुल से बचाते हुए विधिक रूप से अपनी हिरासत में लेकर थाने ले आई।

‘बोले ठंडा है पीकर देखो और जबरन पिला दिया’ – रोते हुए घर पहुंची मासूम बच्ची

​इस विचलित करने वाली घटना की प्रामाणिक विरणी के अनुसार, केनगर के बजरंगबली टोला सिंधिया गांव की निवासी पीड़ित बच्ची की मां ने पुलिस के समक्ष अपना कड़ा फर्दबयान दर्ज कराया है। मां ने रोते हुए बताया कि उनकी सात वर्षीय अबोध पुत्री सोमवार की सुबह हमेशा की तरह अपने सुनहरे भविष्य की उम्मीद लेकर कन्या मध्य विद्यालय पढ़ने के लिए प्रस्थान की थी।

​परंतु, सुबह के ठीक साढ़े नौ बजे के करीब वह अप्रत्याशित रूप से रोती-बिलखती हुई और गहरी घबराहट के बीच वापस अपने घर की दहलीज पर पहुंची। मासूम ने रोने का कारण बताते हुए अपनी मां और परिजनों को सूचित किया कि स्कूल के हेडमास्टर साहब ने उसे अपने विमर्श कक्ष (ऑफिस) में बुलाया और हाथ में एक तरल पदार्थ की बोतल लेकर कहा कि ‘यह बिल्कुल ठंडा (कोल्ड ड्रिंक) है, जरा पीकर देखो।’ बच्ची ने जब आंशिक संकोच किया, तो आरोपी हेडमास्टर ने उसके साथ जबरदस्ती करते हुए बोतल के ढक्कन में संधारित कथित पेशाब उसे जबरन पिला दिया।

पूछताछ करने गए परिजनों को गाली देकर भगाया, आरोपी हेडमास्टर ने आरोपों को नकारा

​परिजनों द्वारा विलेखों में दर्ज कराए गए आरोपों के अनुसार, जब इस घिनौनी करतूत की जानकारी मासूम बच्ची के माध्यम से उन्हें प्राप्त हुई, तो पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। पीड़ित पिता और ग्रामीण तुरंत इस विसंगति की वास्तविकता जानने के उद्देश्य से स्कूल के दफ्तर में पहुंचे और प्रधानाध्यापक से कड़ा स्पष्टीकरण मांगा। परिजनों का आरोप है कि अपनी गलती पर लज्जित होने के बजाय प्रधानाध्यापक आपे से बाहर हो गए और पीड़ित परिवार के साथ सरेआम गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें विद्यालय की विधिक सीमाओं से बाहर धकेल कर भगा दिया।

​इधर, पुलिस सुरक्षा अभिरक्षा कक्ष में बंद आरोपी प्रधानाध्यापक नंद किशोर राय ने अपने ऊपर लगे इन सभी अमानवीय और घिनौने आरोपों को पूरी तरह से निराधार, असत्य और दुर्भावना से प्रेरित बताया है। आरोपी शिक्षक का विधिक दावा है कि उन्हें कतिपय स्थानीय रंजिश और सांगठनिक विवाद के तहत फंसाने के लिए इस प्रकार की स्क्रिप्ट तैयार की गई है, जिसका सच्चाई से कोई गोचरीय संबंध नहीं है।

केनगर पुलिस ने तरल पदार्थ को किया जब्त, फॉरेंसिक लैब की केमिकल रिपोर्ट पर टिका अंतिम एक्शन

​इस संवेदनशील और सामाजिक रूप से उद्वेलित करने वाले मामले पर विधिक विरणी पटल पर रखते हुए केनगर थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित बच्ची की मां के लिखित बयान के आधार पर विधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत मुकम्मल की जा रही है। बाल अधिकारों के हनन और पोक्सो एक्ट (POCSO) के कतिपय विन्यासों के तहत भी मामले की कड़ियों की स्क्रूटनी की जा रही है।

​थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस के जासूसी दस्ते ने तत्परता दिखाते हुए विद्यालय के भीतर प्रयुक्त की गई उस संदेहास्पद बोतल और उसमें मौजूद कतिपय तरल रासायनिक पदार्थ को विधिक रूप से जब्त (Seize) कर लिया है। पुलिस कप्तानों ने साफ किया है कि इस जब्त पदार्थ को त्वरित रासायनिक परीक्षण (Chemical Audit) के वास्ते प्रादेशिक फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) प्रेषित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब की प्रामाणिक और वैज्ञानिक रिपोर्ट पटल पर आने के उपरांत ही इस बात का अंतिम विधिक खुलासा हो सकेगा कि वह तरल पदार्थ वास्तव में मानव मूत्र था या कोई अन्य रासायनिक विन्यास; जिसके आलोक में कानून के कड़े हंटर के बल पर आरोपी के खिलाफ सख्त और दंडात्मक न्यायिक कार्रवाई ससमय मुकम्मल की जाएगी।

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