​पूर्णिया के मक्के के खेत में खूनी खेल: भवानीपुर में मो. सोहराब की संदिग्ध मौत से सनसनी, पहली पत्नी ने सौतन पर लगाया हत्या का संगीन इल्जाम

भवानीपुर (पूर्णिया)। बिहार के पूर्णिया जिले में शनिवार की सुबह एक ऐसी खबर के साथ हुई जिसने इलाके की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया। भवानीपुर थाना क्षेत्र के गोंदवारा पतकेली पंचायत अंतर्गत तुर्की मुसहरी टोला में उस समय कोहराम मच गया, जब मक्के के घने खेतों के बीच एक अधेड़ व्यक्ति का शव बरामद किया गया। यह घटना महज एक लाश मिलने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने एक गहरे पारिवारिक कलह और रंजिश की परतों को खोलकर रख दिया है। मृतक की पहचान मो. सोहराब (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो शेखपुरा सब्जी टोला के रहने वाले थे। जैसे ही मौत की खबर उनके घर पहुँची, परिवार के भीतर सुलग रही चिंगारी एक बड़े ज्वालामुखी की तरह फट पड़ी। मृतक की पहली पत्नी ने सीधे तौर पर अपनी सौतन यानी सोहराब की दूसरी पत्नी पर हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया है। रविवार, 19 अप्रैल 2026 की यह रिपोर्ट पूर्णिया के ग्रामीण अंचलों में बढ़ते अपराध और घरेलू विवादों के उस खौफनाक अंत को दर्शाती है, जहाँ रिश्तों की डोर खून से रंग दी गई।

मक्के के खेत से उठी चीख: शनिवार की सुबह का वह मंजर

​घटना की शुरुआत शनिवार की अहले सुबह हुई। तुर्की मुसहरी टोला के ग्रामीण जब अपने दैनिक कार्यों और खेती-बाड़ी के लिए खेतों की ओर निकले, तो मक्के के एक खेत में उन्हें कुछ संदिग्ध दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर ग्रामीणों के होश उड़ गए; वहां एक व्यक्ति का बेजान शरीर पड़ा हुआ था। मक्के के ऊंचे और घने पौधों के बीच शव को इस तरह छिपाने या फेंकने की कोशिश की गई थी कि सामान्य तौर पर किसी की नजर वहां न जा सके।

​ग्रामीणों के शोर मचाने पर देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। शिनाख्त की कोशिशें शुरू हुईं और जल्द ही स्पष्ट हो गया कि मृतक कोई और नहीं बल्कि पास के ही शेखपुरा सब्जी टोला वार्ड छह निवासी मो. चुल्हाय का पुत्र मो. सोहराब है। 45 वर्षीय सोहराब की इस तरह से हुई मौत ने पूरे भवानीपुर इलाके में दहशत पैदा कर दी है। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब शव का मुआयना किया, तो प्राथमिक तौर पर यह मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। शव मिलने वाली जगह पर संघर्ष के निशान थे या नहीं, और सोहराब वहां कैसे पहुँचा, ये सवाल अब पुलिस की तफ्तीश का मुख्य हिस्सा बन गए हैं।

पारिवारिक रंजिश का खूनी मोड़: पहली पत्नी बनाम दूसरी पत्नी

​इस हत्याकांड का सबसे पेचीदा और गंभीर पहलू सोहराब की निजी जिंदगी से जुड़ा है। स्थानीय सूत्रों और पुलिस को दिए गए शुरुआती बयानों के अनुसार, मो. सोहराब की दो पत्नियां थीं। अक्सर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में घर के भीतर वर्चस्व और संपत्ति को लेकर खींचतान बनी रहती है। सोहराब की मौत के बाद उसकी पहली पत्नी ने चुप्पी तोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

​पहली पत्नी का कहना है कि सोहराब की दूसरी पत्नी काफी समय से उसके साथ विवाद कर रही थी और उसे रास्ते से हटाने की धमकी भी देती थी। पहली पत्नी ने आरोप लगाया है कि सोहराब को साजिश के तहत घर से बुलाया गया या फिर सोते समय उसे निशाना बनाया गया और बाद में शव को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तुर्की मुसहरी टोला के मक्के के खेत में फेंक दिया गया। सौतन पर लगाए गए इस ‘मर्डर चार्ज’ ने मामले को पूरी तरह से घरेलू रंजिश की ओर मोड़ दिया है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या दूसरी पत्नी ने किसी बाहरी अपराधी की मदद ली थी या फिर यह किसी और गहरी साजिश का हिस्सा है।

पुलिस की सक्रियता और एसडीपीओ का बयान

​घटना की सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुँचकर शव को अपनी अभिरक्षा में लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाने की कोशिश की ताकि यह पता चल सके कि हत्या उसी स्थान पर की गई या फिर कहीं और हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया। पूर्णिया पुलिस के वरीय अधिकारियों को भी मामले की संवेदनशीलता से अवगत कराया गया।

​धमदाहा के एसडीपीओ संदीप गोल्डी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को शनिवार सुबह शव मिलने की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा, “शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान हो चुकी है और परिवार के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।” एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि पुलिस सभी संभावित बिंदुओं—चाहे वह पारिवारिक विवाद हो, जमीन का मसला हो या कोई बाहरी दुश्मनी—पर गहन जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी इंसाफ की उम्मीद

​सोहराब की मौत कैसे हुई, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। क्या उसकी गला घोंटकर हत्या की गई, या किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल हुआ, या फिर उसे जहर दिया गया? इन सभी सवालों के जवाब पूर्णिया सदर अस्पताल से आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छिपे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शरीर पर बाहरी चोटों के निशान हैं या नहीं, इसे बारीकी से देखा जा रहा है।

​अक्सर ग्रामीण इलाकों में मक्के के खेतों का उपयोग साक्ष्य छिपाने के लिए किया जाता है क्योंकि फसल बड़ी होने के कारण वहां दृश्यता कम होती है। भवानीपुर पुलिस ने शेखपुरा सब्जी टोला और तुर्की मुसहरी टोला के बीच के रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों (यदि कोई हो) और मोबाइल टावर डंप डेटा की भी जांच शुरू कर दी है। सोहराब शुक्रवार की रात किससे मिला और उसका आखिरी लोकेशन क्या था, यह सुराग कातिल तक पहुँचने में पुलिस की सबसे बड़ी मदद कर सकता है।

इलाके में तनाव और सामाजिक प्रभाव

​पूर्णिया का भवानीपुर और धमदाहा इलाका मक्का उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन फसल के इस मौसम में एक किसान और ग्रामीण की लाश मिलना स्थानीय लोगों के मन में डर पैदा कर गया है। गोंदवारा पतकेली पंचायत के लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि अपराध की जड़ें अब उनके शांत खेतों तक पहुँच गई हैं। शेखपुरा सब्जी टोला में भी सोहराब की मौत के बाद तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

​स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का खुलासा 24 घंटे के भीतर किया जाए। सोहराब एक मध्यमवर्गीय परिवार से आता था और गांव में उसकी पहचान एक मेहनतकश व्यक्ति के रूप में थी। उसकी मौत ने न केवल उसके बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है, बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या घरेलू विवादों का हल अब केवल हत्या के जरिए ही निकाला जाएगा। पहली और दूसरी पत्नी के बीच का यह संघर्ष अब पुलिसिया जांच की फाइल में दर्ज हो चुका है।

जांच की दिशा और संदिग्धों से पूछताछ

​भवानीपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम सोहराब के करीबी रिश्तेदारों और उसके दोस्तों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने सोहराब की दूसरी पत्नी और उसके मायके वालों की गतिविधियों पर भी नजर रखना शुरू कर दिया है। यदि पहली पत्नी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह ‘ऑनर किलिंग’ या ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ का भी मामला हो सकता है।

​पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या सोहराब का किसी बाहरी व्यक्ति के साथ लेन-देन या जमीन को लेकर कोई पुराना विवाद तो नहीं था। हालांकि, फिलहाल सारा ध्यान घरेलू रंजिश पर ही केंद्रित है। भवानीपुर पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि उनके पास इस घटना से जुड़ी कोई भी छोटी से छोटी जानकारी हो, तो वे निडर होकर साझा करें। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस खूनी खेल के पीछे के चेहरों को बेनकाब कर दिया जाएगा। 19 अप्रैल 2026 की यह दोपहर पूर्णिया के लिए इंसाफ की प्रतीक्षा की दोपहर है।

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