अमृतसर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिहारी छात्रों पर हमला: ‘बिहारी’ कहकर जलील करने का आरोप, सुरक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र

महुआ/हाजीपुर, 16 मई 2026। पंजाब के अमृतसर से एक बेहद परेशान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जिसने बिहार के वैशाली, सीवान और आरा सहित कई जिलों में रह रहे अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। अमृतसर स्थित प्रतिष्ठित खालसा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे बिहार के मूल निवासी छात्रों पर स्थानीय बदमाशों और छात्रों के एक अन्य गुट ने मिलकर जानलेवा हमला बोल दिया है। इस हिंसक झड़प में बिहार के कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देना पड़ा है। घटना के बाद से कॉलेज परिसर और हॉस्टल के भीतर रहने वाले बिहारी छात्रों में गहरे डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है। शुक्रवार को पीड़ित छात्रों ने मोबाइल फोन के माध्यम से बिहार में रह रहे अपने परिजनों को इस पूरी आपबीती और मारपीट की विस्तृत जानकारी दी, जिसके बाद से ही महुआ और हाजीपुर के कई गांवों में हड़कंप मचा हुआ है।

क्षेत्रीय पहचान पर छींटाकशी और जम्मू-कश्मीर के छात्रों संग सांठगांठ का आरोप

​कथाक्रम और छात्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद केवल छात्रों के दो गुटों के बीच की सामान्य लड़ाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी क्षेत्रीय दुर्भावना और नस्लीय छींटाकशी का मामला सामने आ रहा है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें कॉलेज परिसर और हॉस्टल के भीतर जानबूझकर ‘बिहारी’ कहकर संबोधित किया गया और मानसिक व सामाजिक रूप से जलील करने का प्रयास किया गया। विवाद तब और अधिक बढ़ गया जब छात्रों के एक स्थानीय गुट ने जम्मू-कश्मीर से आकर वहां पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों और बाहरी असामाजिक तत्वों के साथ साठगांठ कर ली।

​इन बाहरी बदमाशों ने लाठी, डंडे और अन्य धारदार वस्तुओं के साथ हॉस्टल और कॉलेज परिसर के भीतर घुसकर बिहार के छात्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले से बिहारी छात्रों को संभलने का मौका नहीं मिला और जो जहां था, उसे वहीं घेरकर पीटा गया। छात्रों का यह भी कहना है कि संस्थान के सुरक्षाकर्मियों ने शुरुआत में इस मामले को दबाने का प्रयास किया, जिससे हमलावरों का हौसला और बढ़ गया।

वैशाली, सीवान और आरा के कई होनहार छात्र हुए लहूलुहान

​इस बर्बर हमले की चपेट में आकर बिहार के विभिन्न जिलों के कई होनहार छात्र गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। वैशाली जिले के महुआ मानपुरा इलाके के रहने वाले दीप ज्योति ने बताया कि उनका भतीजा भी इसी कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है और वह भी इस हमले के दौरान अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। दीप ज्योति के अनुसार, हॉस्टल के भीतर का माहौल इतना डरावना हो गया है कि छात्र अपने कमरों को अंदर से बंद करके बैठे हैं।

​इसके अलावा, सीवान जिले के रहने वाले छात्र आदित्य और आरा (भोजपुर) के निवासी नितिन सहित कई अन्य छात्रों को इस मारपीट में गंभीर चोटें आई हैं। किसी के सिर में चोट लगी है तो किसी के हाथ-पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने की बात कही जा रही है। इन छात्रों के घायल होने की तस्वीरें और वीडियो जब सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, तो बिहार में उनके माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हुआ है। अभिभावक लगातार कॉलेज प्रशासन और पंजाब पुलिस के अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां से कोई ठोस विधिक आश्वासन नहीं मिल पा रहा है।

300 से अधिक छात्रों ने किया सामूहिक प्रदर्शन, माइग्रेशन सर्टिफिकेट की मांग

​संस्थान और स्थानीय प्रशासन के उदासीन रवैये से आक्रोशित होकर शुक्रवार को खालसा कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में पढ़ रहे लगभग 300 से अधिक बिहारी छात्र एकजुट हो गए। अपनी सुरक्षा की गारंटी न मिलते देख इन छात्रों ने कॉलेज परिसर से बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्र पंजाब पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और अपने लिए तत्काल पूर्ण सुरक्षा की मांग कर रहे थे।

​तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए छात्रों ने अमृतसर स्थानीय पुलिस प्रशासन को एक संयुक्त लिखित विधिक शिकायत सौंपी है, जिस पर 300 से अधिक छात्रों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इस शिकायत में हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि अब वे इस संस्थान में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं, क्योंकि उनकी जान को लगातार खतरा बना हुआ है। छात्र कॉलेज प्रशासन से अपने मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट वापस करने की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर सुरक्षित अपने गृह राज्य बिहार वापस लौट सकें।

सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बिहार सरकार से लगाई गुहार

​अमृतसर के हॉस्टल के कमरों और सड़कों से बिहारी छात्रों ने कई वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जारी किए हैं। इन वीडियो संदेशों में छात्र रोते और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग और राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की भावुक अपील की है। छात्रों का कहना है कि यदि बिहार सरकार ने पंजाब सरकार और वहां के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से सीधे तौर पर विधिक संवाद स्थापित नहीं किया, तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।

​महुआ और हाजीपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और बिहार सरकार से मांग की है कि पंजाब में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत पटना से एक विशेष प्रशासनिक टीम अमृतसर भेजी जाए। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को इतनी दूर केवल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजते हैं, न कि इस तरह की क्षेत्रीय हिंसा और प्रताड़ना का शिकार होने के लिए। फिलहाल, कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, लेकिन छात्रों के भीतर बैठा डर और अविश्वास का माहौल अभी भी पूरी तरह बरकरार है।

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