
भागलपुर। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद भागलपुर जिला प्रशासन ने दो पाकिस्तानी महिलाओं – इमराना खातून और फिरदौसिया खानम उर्फ फिरदौसिया खातून – के मतदाता पहचान पत्र रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सिलसिले में बीएलओ ने फॉर्म-7 भरकर नाम काटने की कार्रवाई आरंभ कर दी है।
बीएलओ ने शुरू की कार्रवाई
बीएलओ फरजाना खातून को जिला प्रशासन से आदेश मिला है, जिसके बाद दोनों महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
- इमराना का पासपोर्ट, वीजा नंबर और एपिक नंबर प्रशासन के पास उपलब्ध है।
- अधिकारियों ने कहा कि उनका इपिक (EPIC) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।
परिवार का पक्ष
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए फिरदौसिया के बेटे मोहम्मद गुलरेज ने कहा –
“हमारे यहां कोई जांच के लिए नहीं आया। बीएलओ पहले आए थे और हमने 11 कागजात उन्हें दिए। हम तो हर बार वोट देते रहे हैं, पिछली बार भी दिया था।”
जांच में खुलासा
गृह मंत्रालय की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि –
- इमराना खानम (पति इबतुल हसन) और फिरदौसिया खानम (पति मोहम्मद तफजील अहमद) के नाम से मतदाता पहचान पत्र जारी किए गए थे।
- दोनों का एपिक नंबर प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज है।
- रिपोर्ट में पाया गया कि रंगपुर निवासी फिरदौसिया 19 जनवरी 1956 को 3 महीने के वीजा पर भारत आईं थीं, जबकि इमराना 3 साल के वीजा पर आई थीं।
- लेकिन दोनों वतन वापस नहीं लौटीं और वर्षों से भागलपुर में रह रही हैं।
- विदेश मंत्रालय से पासपोर्ट कार्यालय की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई कि दोनों वर्तमान में भागलपुर में ही मौजूद हैं।
क्या होगा आगे?
प्रशासन के मुताबिक, गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप दोनों महिलाओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाएंगे और उनके पहचान पत्र को रद्द कर निष्क्रिय किया जाएगा।


