भागलपुर, बिहार:भागलपुर जिले के सरधो गांव में स्थित बड़ी काली महारानी मंदिर के स्थापना महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस अवसर पर दस दिवसीय मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की भरमार होगी।
गांव में तैयारियों का माहौल
सरधो गांव के काली महारानी मंदिर परिसर में, गांव स्तर पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मेला आयोजक शेखर सुमन ने की। उन्होंने बताया कि सरधो गांव की काली माता अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती हैं और यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं मां अवश्य पूरी करती हैं।
उन्होंने कहा—
“माँ काली महारानी के समक्ष आज तक जो भी व्यक्ति अपनी मांग रखता है, उसे मां ने अवश्य पूरा किया है। चाहे वह युवाओं की नौकरी की मांग हो या संतान प्राप्ति की इच्छा—माँ ने हर भक्त की पुकार सुनी है।”
200 वर्षों की आस्था
बड़ी काली महारानी की स्थापना को लगभग दो सौ वर्ष हो चुके हैं। उनकी अपार शक्ति और चमत्कारों की चर्चा न केवल सरधो गांव में बल्कि पूरे क्षेत्र में होती है।
भव्य मंदिर निर्माण
मां काली महारानी का सबसे ऊंचा और भव्य मंदिर बनाने का कार्य भी जारी है, जिसकी तैयारी दो महीने पहले से शुरू हो चुकी है। मंदिर निर्माण कार्य में स्थानीय लोग और भक्तगण सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
कलश शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले की शुरुआत एक भव्य कलश शोभायात्रा और विभिन्न हरियाणी झांकियों के साथ होगी। इसके अलावा, मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। समापन के दिन प्रसिद्ध भोजपुरी गायक छैला बिहारी का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो मेले में चार चांद लगाएगा।
तथ्य एक नज़र में
- स्थान: सरधो गांव, भागलपुर, बिहार
- अवधि: 10 दिन
- मुख्य आकर्षण: कलश शोभायात्रा, हरियाणी झांकियां, भोजपुरी गायक छैला बिहारी का कार्यक्रम
- विशेषता: 200 वर्षों से स्थापित महाशक्तिशाली काली माता का आशीर्वाद


